BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
जनपद पंचायत बिछिया की ग्राम पंचायतें बनी भ्रष्टाचार का गढ़ ग्राम पंचायत कटंगामाल में सचिव कर रहा है फर्जी बिल पास, मनमाने बिलों से लगा रहे शासन को लाखों का चुना... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Friday, November 4, 2022

जनपद पंचायत बिछिया की ग्राम पंचायतें बनी भ्रष्टाचार का गढ़ ग्राम पंचायत कटंगामाल में सचिव कर रहा है फर्जी बिल पास, मनमाने बिलों से लगा रहे शासन को लाखों का चुना...







रेवांचल टाईम्स - देश मे सरकार भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए नए नए तरीके अपना रही हैं और भ्रष्टाचार न हो सके जिस कारण आज सब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन कर दिया पर इन भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी ने कसम खा रखी है कि सरकार कुछ करें हम भी किसी से कम नही है।

         वही भुआ बिछिया जनपद की ग्राम पंचायतो में भय मुक्त भ्रष्टाचार हो रहा है और न कोई देखने वाला है न ही कोई सुनने वाला है तो आज किस कदर भ्रष्टाचार किया जा रहा सब ऑनलाईन में देखा जा सकता है और ग्राम पंचायतों ने तो बेचारे घड़ी बेचने वाली दुकान से सीमेंट लोहा भी बेचने के बिल लगा दिए और जिनके पास न गाड़ी न घोड़ा उनके बिल बिना जी एस टी के उनसे ढुलाई करावा रहे हैं और सरकारी लाखों धन की होली खेल रहे पर ये किसी को नजर नही आता ये कहे कि देख कर भी नही देखना चाहते है।

           वही ग्राम पंचायत के स्तर में भ्रष्टाचार की खबर आती ही रहती है। देरी से हुए पंचायत चुनाव के बाद नए जनप्रतिनिधियों से लोगों को काफी उम्मीद है लेकिन पुनः भ्रष्टाचार का खेल शुरू हो गया है ।


ऐसा ही एक मामला बिछिया जनपद क्षेत्र में आने वाले ग्राम पंचायत कटंगामाल का है जहां पर 15 अगस्त के नाम पर फूटा चिरोंजी का 11186 रुपए का बिल लगवाकर पास किया गया।  15 अगस्त के कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने बताया कि उस दिन पीने का पानी तक पंचायत में नहीं थी और नाश्ता मात्र 1145 रुपए का प्राइवेट तरीके से बुलवाया गया था किंतु उसके बाद भी ग्यारह हजार एक सौ छ्यासी रुपए का बिल लगवाकर पंचायत की राशि का गलत उपयोग किया गया। 


सचिव करवाता है भ्रष्टाचार


ग्राम पंचायत कटंगा माल का सचिव बस्तराम धुर्वे अपनी कमीशन के कारण फर्जी रूप से बिल पास करवाता है ऐसे आरोप उसके ऊपर लग रहे हैं । वर्तमान में रेत गिट्टी के ऐसे बिल पास करवाए जा रहे हैं जो कि नियम अनुसार गलत हैं और उक्त प्रक्रिया की जांच करवाई जानी चाहिए ताकि जनता के विकास कार्यों के लिए आई राशि का गलत उपयोग न हो । 


पहले भी रिकवरी में आ चुका है नाम


प्राप्त जानकारी के अनुसार सचिव बस्तराम धुर्वे का नाम पूर्व में भी भ्रष्टाचार में सामने आ चुका है जिसकी रिकवरी भी निकली थी ।


पूर्व उपसरपंच का है करीबी


कई वर्षों से पदस्थ सचिव बस्तराम धुर्वे पूर्व उपसरपंच का करीबी माना जाता है और उसी के इशारे पर पहले भी लाखों के फर्जी बिल, बिना जीएसटी के लाखों रुपए के बिल, सरपंच को वेंडर बना कर राशि निकालना से लेकर ग्राम पंचायत की राशि का गलत उपयोग कर रहा है ।

No comments:

Post a Comment