रेवांचल टाईम्स - सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित एलटीटी कैंप के दौरान अव्यवस्था पर कैंप प्रभारी बीई श्रीमती नर्मदा पाठक ने मीडिया से चर्चा में बताया है कि व्यवस्था बनाने तो मुझे तो प्रभार दिया गया है लेकिन राशि खर्च करने का अधिकार नहीं दिया गया कैंप के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन पर संपूर्ण कार्य किए जाते हैं मुझे भी पता है कि कैंप में आने वाले हितग्राहियों के लिए यूरिन टेस्ट की व्यवस्था के साथ अन्य व्यवस्था नहीं है पर मेरे पास राशि खर्च करने का अधिकार नहीं होने के चलते सिर्फ मे ड्यूटी लगाने का कार्य देख रही हु आने वाले हितग्राहियों को बैठने पीने के पानी एवं अन्य व्यवस्था की बात तो दूर स्वच्छ वातावरण तक नहीं मिल पा रहा है । परिसर पर जमीन में पेड़ के नीचे चल रहे पंजीयन के दौरान मिट्टी गिट्टी में बैठकर अपने साथ लाए नन्हे-मन्ने बच्चों की देखभाल करनी पड़ रही है । ये सब कुछ संज्ञान बाद भी स्वास्थ्य विभाग व्यवस्थाओं पर मौन साधे हुए है । केंद्र प्रभारियों की उदासीनता के चलते सरकार की योजनाओं पर अंकुश लग रहा है जहा मुख्यमंत्री अपनी मामा का रिश्ता निभाने की बात करते है वही उनके भांजा भांजी जमीन पर नजर आ रहे है एक और सरकार के द्वारा हितग्राहियों को हाइजेनिक वातावरण सुविधा एवं प्रोत्साहन राशि की बात कही जा रही है वहीं मौके पर कैंप के दौरान जमीनी हकीकत बयां हो रही ।
इनका कहना है कि
हमें व्यवस्था जुटाने के लिए फंड की आवश्यकता होती है परंतु मेरे पास कोई फंड नहीं मेरा कार्य सिर्फ इतना बचा है कि मैं सिर्फ ड्यूटी लगा पाऊं खर्च से संबंधित सारे अधिकार बीएमओ सर के पास है व्यवस्थाओं के लिए बीएमओ सर को इसकी जानकारी दे दी गई है।
बी ई ई श्रीमती नर्मदा पाठक
वही व्यवस्था को लेकर गलती मानी और कहा पहले से ही तैयारी की जाती है परन्तु जिस स्थान पर एलटीटी कैंप के लिए रजिस्ट्रेशन होना था उस समय उस स्थान पर मीजल्स रोग से संबंधित बैठक का आयोजन किया जा रहा था बैठक होने के कारण महिलाओं को बैठने की उचित व्यवस्था नहीं कर पाए आगे ऐसा ना हो इस बात का ध्यान रखेंगे।
बीएमओ नितिन ब्रह्ममे

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