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Wednesday, October 26, 2022

आख़िर जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन कब करेंगी फ़र्जी पत्रकारों पर कार्यवाही सुबह से शाम तक पंचायत से लेकर दफ़्तरो में कर रहे उगाही पत्रकार...

 




रेवांचल टाईम्स - जैसे बारिश में जगह जगह बाढ़ देखने को मिलती है वैसे ही अब जगह जगह गाँव गाँव में पत्रकारों की बाढ़ सी आई हुई है बिना रजिस्ट्रेशन स्वंयभू मनमाने माईक आईडी लेकर घूम रहे है खबरें लिखते बने न बने पर पत्रकार बन गए न कोई डिग्री न कोई पी आर ओ में जानकारी और फिर शुरू होती अबैध वसूली...

         मंडला जिला फर्जी पत्रकारों की पैदावार अधिक क्यों, तेजी से हो रही है कार्यालय से लेकर पंचायतों में घूम-घूम कर रहे अवैध वसूली चल रही हैं। और जिसको देखो वह बेब पोर्टल यूट्यूब चैनल की माईक आईडी बना कर खुद तो पत्रकार बन रहे साथ अपनी माइक आईडी नए नए लोगो दो हजार से लेकर पांच पांच हजार लेकर पत्रकार बना रहे है जिसका न कोई रजिस्ट्रेशन है और न ही कोई आर एन आई फिर भी पत्रकार है बन बैठे है जिन्हें न पुलिस प्रशासन रोक रहा है न ही जिला प्रशासन में बैठे जन संपर्क अधिकारी और जिला प्रशासन को तो देखने की भी फुर्सत भी नही है। ओर ये पत्रकार सुबह से लेकर शाम तक जिले एक एक गाँव घूम रहे है और अबैध वसूली के साथ साथ अपने स्वयं के द्वारा जारी बिल लगा रहे है।


जिला प्रशासन फर्जी पत्रकारों पर कार्यवाही में मौन क्यों..


शिकार हो रहें बेरोजगार युवक प्रशासन की अनदेखी के चलते फर्जी पत्रकारों फ़ौज खड़ी 

       मंडला जिला वैसे ही अनुसूचित जनजाति पिछड़ा हुआ क्षेत्र है। और यहाँ पहले से जिला प्रशासन में बैठे अधिकारी जनता को लूट कर खुलकर भ्रष्टाचार कर रहें है। और जनता को मिलने वाला लाभ समय पर नही मिल रहा है। वही एक तरफ जिले में फर्जी पत्रकारों की फ़ौज मौज भी चक्रवर्ती ब्याज की बढ़ रहीं है। जिससे जिला प्रशासन रोक नही पा रहा है। क्योंकि उसमें खुद जिला प्रशासन सहभागिता नजर आ रही है। वही जिले में हर वार्ड में छोटे यूट्यूब चैनल, बेबसाइड, पोटल न्यूज दुकानदार, उद्योगपति, उपभोक्ता, ईटभट्टा चेनल की आईडी बनाकर कार्ड लेकर संचालक, पंचायत सरपंच, सचिव, लोगों को परेशान कर अपना गोरखधंधा चला रहे हैं।


कर्मचारी, अधिकारी, डाक्टर, खासे परेशान हैं। कब कहां किस स्थान पर ये अपने आप को बड़े चैनल का व्यूरो चीफ है।


जिनका कोई आधार नहीं है वे कब दबिश देते है। जिसका कोई भरोसा नहीं है इसके बड़े पत्रकार और न्यूज़ रिपोर्टर बताते हैं । अलावा इनके द्वारा सूचना अधिकार इन पर जिला प्रशासन क्यों मैहरवान है इनकी हरकतों से जो वास्तव में पत्रकार वल्कि बालाघाट जिले के फर्जी पत्रकार हैं उनकी छवी धूलधूसरित हो रही है। खासकर लोगों को परेशान कर रहे है? कोई इनकी अबैध बसूली से कोई अछूता नहीं है। 


मंडला जिले फर्जी पत्रकारों की कम पढ़ी लिखी है। कुछ एक व्यवसाय का उलेलख नही कर सकते है। मगर पत्रकार होने के बाद वे सीधें थानां प्रभारी sdm और जिले के कुछ पत्रकार तो पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर के खासे नजदीक और गहरी पैठ रखने की बात करते है। कुछ तो फोटो खिंचवा कर जनता को खुली धमकी भी देते है। इस तरह पूरे जिले में फर्जी पत्रकारो की धमा चौकड़ी जनता का जीना धुभार कर रहीं है। वही जो उम्र दराज पत्रकार अपने आप को सीनियर पत्रकार या स्वतंत्र पत्रकार बताते है। और ये खुद को न्यूज चेन हेड बनकर दबिश देते है। नाम ना छाप ने की शर्त पर बतया की कुछ तो फोनपे पर सीधा पैसा भी ले रहें है। और ईमानदारी का पाठ पढ़ते है। जिससे साफ होता है। कि फर्जी पत्रकारों के कारण दूसरे पत्रकारों की छवि भी धूमिल हो रही है।आपने आप को पत्रकार बताकर यह कहते है। कि  में अभी अभी एसडीएम, तहसीलदार नैनपुर के साथ बैठक में था। 


 मंडला से आये पत्रकार को पकड़ा था

        वही कुछ दिन पहले नैनपुर नगर में एक पत्रकार महोदय दवाखाना में आये और डिस्प्रेशरी संचालक से उसके दस्ताबेज की मांग की नही देने पर खुले शब्दों में बीएओ से मिलकर आ रहा हूँ । आपके पास डिस्पेंसरी चलाने के क्या दस्तावेज है दिखावे अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहे। कहते हुये नजर आए थे। धमकाने के बाद मोटी रकम नजराना स्वरूप मांगने लगा। डाक्टर के द्वारा नैनपुर नगर के पत्रकारों को बताने की बात कहीं गई तो भाग खड़ा हुआ। उसी समय सम्बंधित की फोटो डाक्टर के कैमरे मे कैद हो गई। जबकि प्रशासन को फर्जी पत्रकारों पर कार्यवाही करने आवेदन निवेदन किया जाता रहा है। परंतु मंडला जिले के फर्जी पत्रकारो पर प्रशासन क्यो मेहरबान है समझ से परे है और कार्यवाही के नाम शून्य है।

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