BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
जानें डिप्रेशन क्या है, इसके लक्षण, कारण और इलाज क्या हैं? - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Saturday, October 8, 2022

जानें डिप्रेशन क्या है, इसके लक्षण, कारण और इलाज क्या हैं?

  

डिप्रेशन एक मूड डिसऑर्डर है, जो व्यक्ति में लगातार उदासी और अरुचि की भावना का कारण बनता है. इसे नैदानिक अवसाद भी कहा जाता है. आप कैसा महसूस करते हैं, क्या सोचते हैं और कैसा व्यवहार करते हैं, इन सब पर डिप्रेशन का असर पड़ता है. इसकी वजह से भावनात्मक और शारीरिक समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं. डिप्रेशन में व्यक्ति को अपने दैनिक कार्य करने में भी परेशानी हो सकती है. कई बार तो व्यक्ति को ऐसा भी महसूस होने लगता है कि वह जी ही क्यों रहा है, वह जीने के लायक ही नहीं है. डिप्रेशन कोई साधारण सी भावनात्मक कमजोरी नहीं है, जिससे आसानी से बाहर निकला जा सके. डिप्रेशन से बाहर निकलने के लिए लंबे इलाज की आवश्यकता होती है. लेकिन आपको बिल्कुल भी निराश होने की आवश्यकता नहीं है. कुछ दवाओं और साइकोथैरेपी की मदद से डिप्रेशन के पीड़ितों को बेहतर महसूस हो सकता है.

डिप्रेशन एक गंभीर डिसऑर्डर है, जिसका आप पर और आपके परिवार पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है. अगर डिप्रेशन का सही समय पर इलाज न किया जाए तो इसके लक्षण गंभीर हो सकते हैं. डिप्रेशन की वजह से व्यक्ति में भावनात्मक, व्यवहारिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं आने लगती हैं, जो व्यक्ति के जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर सकता है.
डिप्रेशन की वजह से कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं –डिप्रेशन के कारण व्यक्ति का वजन बढ़ सकता है, वह मोटापे (Obesity) का शिकार हो सकता है. इससे वह आगे चलकर दिल की बीमारियों और डायबिटीज (Diabetes) का मरीज हो सकता है.
डिप्रेशन के कारण व्यक्ति शारीरिक दर्द और बीमार महसूस कर सकता है.
डिप्रेशन की वजह से कई लोग शराब और ड्रग्स के आदी बन जाते हैं.
चिंता, पैनिक डिसऑर्डर और सोशल फोबिया के शिकार हो सकते हैं.
परिवार और रिश्तों में दिक्कतें हो सकती हैं. यही नहीं काम और स्कूल में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
व्यक्ति सामाज से दूर होने लगता है
आत्महत्या के विचार आ सकते हैं और व्यक्ति इसकी कोशिश भी कर सकता है.
व्यक्ति स्वयं को नुकसान पहुंचा सकता है, वह अपने को किसी धारदार चीज से नुकसान पहुंचा सकता है.
चिकित्सीय स्थितियों के चलते व्यक्ति की समय से पहले मौत हो सकती है.


No comments:

Post a Comment