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Saturday, October 1, 2022

छठे दिन होती है मां दुर्गा के कात्यायिनी स्वरूप की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और मंत्र



शारदीय नवरात्रि का प्रत्येक दिन बेहद ही महत्वपूर्ण और खास होता है. 9 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों का पूजन किया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार आज (Shardiya Navratri 2022) यानि 1 अक्टूबर को नवरात्रि की षष्ठी तिथि यानि छठा नवरात्रि है. इस दिन मां कात्यायिनी की पूजा की जाती है. मां कात्यायिनी की सवारी सिंह है और उनके चार हाथ हैं. मान्यता है कि यदि विधि—विधान के साथ मां कात्यायिनी का पूजन किया जाए (6th Day of Navratri) तो घर में सुख-समृद्धि आती है. मां कात्यायिनी अपने भक्तों को अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फल प्रदान करती हैं. आइए जानते हैं आज का शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और मंत्र.
षष्ठी नवरात्रि 2022 शुभ मुहूर्त

छठे नवरात्रि के दिन सुबह 11 बजकर 47 मिनट से लेकर 12 बजकर 34 मिनट तक अभिजित मुहूर्त रहेगा. इसके अलावा सुबह 6 बजकर 14 मिनट से लेकर अगले दिन 2 अक्टूबर सुबह 3 बजकर 11 मिनट तक रवि योग रहेगा. यह दोनों ही शुभ योग हैं इसलिए दिन में भी कभी पूजन किया जाता है.
ऐसे करें पूजा

मां ​कात्यायिनी की पूजन के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें. इसके माता की प्रतिमा को शुद्ध जल व गंगाजल से स्नान कराएं. फिर उन्हें पीले रंग के वस्त्र पहनाएं और पीले रंग के फूल अर्पित करें. माता को रोली व सिंदूर का तिलक लगाएं और पांच प्रकार के फल व मिष्ठान का भोग लगाएं. मां कात्यायिनी को शहर को भोग अवश्य लगाएं और इसके बाद मंत्र का जाप करें.
मां कात्यायिनी का मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

ॐ देवी कात्यायन्यै नम:॥
मां कात्यायनी का प्रार्थना मंत्र
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद् देवी दानवघातिनी॥

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