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Saturday, October 22, 2022

जिले में संचालित पेट्रोल पंपों नही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न हवा न पानी...



रेवांचल टाईम्स - मंडला जिले मुख्यालय में वर्तमान समय में आधा दर्जन के लगभग पेट्रोल पम्प संचालित हो रहें है। इन पेट्रोल पम्पों में कुछ तो नवीन है वहीं कुछ वर्षो पुराने है लेकिन यदि इनमें उपभोक्ताओं को दिये जा रहें सुविधाओं पर नजर दौड़ाई जाये तो सुविधा के नाम पर बस उपभोक्ताओं सहित कम्पनी को डीलर छल रहें है क्योंकि इनमें से अधिकांश पेट्रोल पम्प पर मूलभूत सुविधायें भी मौजूद नहीं है। यहां तक कि यदि यहां पर कोई अनहोनी घटित हो जायें तो उससे निपटने के लियें यह पेट्रोल पम्प पूरी तरह से नकाम है और इस अंधेर गर्दी के साये में उपभोक्ताओं के सिर पर खतरा मंडरा रहा है लेकिन इन पूंजी पतियों के आगे जिला प्रशासन के हाथ इस तरह से दब चूंके है कि बमुश्किल एक वर्ष में महज इक्का दुक्का पेट्रोल पम्प पर ही इनकी तिरछी निगाह पड़ी। पेट्रोल पम्प संचालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिये वैसे तो जिले में खाद्य एवं आपूर्ति महकमा तैनात है लेकिन विभाग ने भी आजतक इन पर कृपा दृष्टि बना रखी है। हैरत तो इस बात पर है कि लगभग हर रोज कमाल की शिकायते मिलने के बाद भी विभाग ने इन शिकायते को गंभीरता से नही लिया।


सुरक्षा संसाधनों का अभाव वर्षों से संचालित इन पेट्रोल...


पम्पों में आजतक सुरक्षा संशाधनों का अभाव बना हुआ है न तो आग से निपटने के लिये अग्नि रोधक सिलेंडर लगे हैं और न कोई ठोस सुरक्षा के अपाय आबादी से भरे क्षेत्र शमसान में तब्दील हो सकते है। परंतु इन पर कोई रोक लगाने वाला नहीं है। जिले के कई पेट्रोल पम्प में ग्राहकों को मिट्टी तेल तथा थिनरयुक्त डीजल, पेट्रोल की अपूर्ति की जाती है जिससे वाहनों असमय रोग ग्रस्त हो जाते है। विभाग इस पर शिकायत का हवाला देकर अपना पा झाड लेता है, प्रश्न यह है कि क्या अंधेर गर्दी को रोकने विभाग तभी जायेगा जब कोई शिकायत करें। 

                    न हवा न पानी 

        आवंटन के समय कम्पनी द्वारा पम्प मालिकों से सुविधा के लिये कहा जाता है परंतु पेट्रोल पम्प के मालिकों द्वारा ग्राहकों की सुविधा का ध्यान नहीं रख रहें है इस तरह से कोई अगर अनहोनी हो जायें तो इसके बचाव के लिये कोई ठोस पहल नहीं होगी। नियम है कि ग्राहक को स्वच्छ पेयजल व बाथरूम सहित अन्य सुविधायें ग्राहक को मिलनी चाहिये किन्तु किसी भी पेट्रोल पम्पों में इस तरह की व्यवस्था नहीं है इतना ही नहीं ग्राहकों को पेट्रोल लेते समय हवा व पानी धूप से बचने के लिये कोई सेट की व्यवस्था नहीं है। पेट्रोल पम्प में नियमहरू डिब्बे तथा कटेनरों में पेट्रोल तथा डीजल बेचा जा रहा है और इस वजह से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। यदि यह डिब्बे व कंटेनर आग के सम्पर्क में आ जायें तो बड़ी दुर्घटना हो सकती है। वहीं यहां कार्यरत कर्मचारी ग्राहकों से दुरव्यवहार करने में भी पीछे नहीं है। कई बार तो ग्राहकों को इनसे जलील होना पड़ता है।

             नाप तोल पर भी हेरा फेरी...

         पट्रोल पम्प में उपभोक्ताओं के साथ नापतौल में हेरा-फेरी की जाती है मुनाफा कमाने के लिये यह पेट्रोल पम्प ग्राहकों को लूटने से भी नहीं कतराते और इस पर आज तक किसी भी पेट्रोल पम्प में जिले के आलाधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई।


         वही जानकारी के अनुसार पेट्रोल पम्पों के मालिक या तो किसी पार्टी तथा संगठन से जुडे है या फिर किसी दूसरी तरह से प्रशासनिक अमले पर इनका दखल न है। तभी तो मारी से पहले ही 1 संचालकों को छापे की सूचना मिल जाती है और इससे प्रशासनिक खाना पूर्ति भी हो जाती है। यदि छापे मारी की सूचना पम्प मालिकों को न होती तो जरूर एक दो पेट्रोल पम्पों पर ताला लग गया होता। विभागीय विभीषणों के कारण यह आज भी डंके की चोट पर मनमानी करने पर उतारू है।

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