रेवांचल टाईम्स:हिंदू पंचांग के अनुसार आज बेहद ही खास दिन है क्योंकि आज महालक्ष्मी व्रत किया जा रहा है. जो कि हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है. हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व है और इस हाथ पर सवार मां लक्ष्मी यानि गजलक्ष्मी के स्वरुप का पूजन किया जाता हे. मान्यता है कि व्रत और विधि-विधान से पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जातक पर अपना आशीर्वाद बरसाती हैं.
महालक्ष्मी व्रत 2022 शुभ मुहूर्त
आज अष्टमी तिथि दोपहर 2 बजकर 14 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 18 सितंबर को 4 बजकर 33 मिनट पर समाप्त होगी. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्रत 17 सितंबर को ही रखा जाएगा और पूजा का शुभ मुहूर्त पूरे दिन रहेगा.
महालक्ष्मी व्रत पूजन विधि
अगर आप महालक्ष्मी व्रत करना चाहते हैं तो 17 सितंबर को सुबह उठकर स्नान आदि करें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प करें. व्रत का संकल्प करने के बाद मंदिर की सफाई करें और वहां एक चैकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. इसके बाद चैकी पर मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें. ध्यान रखें कि इस दिन हाथी पर सवान मां लक्ष्मी की मूर्ति का पूजन किया जाता है और इसलिए यही मूर्ति स्थापित करें.
फिर मां लक्ष्मी को फूलों का हार पहनाएं और सिंदूर से उनका तिलक करें. इसके बाद चंदन, अबीर, गुलाल, दूर्वा, लाल सूत, सुपारी, नारियल अर्पित करें. पूजा के दौरान सूत 16-16 की संख्या में 16 बार रखने चाहिए. इसके बाद धूप-दीप जलाएं और फिर हाथी की भी पूजा करें. अंत में भोग लगाएं और मां लक्ष्मी कथा व आरती पढ़कर पूजा सम्पन्न करें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं.रेवांचल टाईम्स इसकी पुष्टि नहीं करता. इसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें.
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