रेवांचल टाईम्स - मण्डला से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय पदमी में इन दिनों प्राचार्य की दबंगता चल रही है ।
मनमर्जी से नियमो को ताक में रखकर भंडार नियमो व निविदा प्रक्रिया का उल्लघन किया जा रहा है ।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राचार्य ने अपने ही विद्यालय में पदस्थ शासकीय सेवक के रिश्तेदारों को आर्थिक लाभ पहुचाने की मनसा से कम दर पर निविदा फार्म भरने वाले फर्म को निविदा फार्म ही नही दिया और गुप् चुप तरीके से चौथी निविदा सिर्फ कागजों में आमंत्रित करके निविदा फार्म अपने चहेते स्टाफ के रिश्तेदारों को निविदा फार्म प्रदाय कर अधिक दाम में फोर व्हीलर वाहन की निविदा स्वीकृत कर ली गई निविदा
प्रक्रिया का प्रचार प्रसार नियमानुसार न कर के गुप् चुप तरीके से निविदा बुलाई गई ।
जबकि पहले से निविदाकर्ता ने लिख कर दिया था पूर्व वर्ष 2021-22 में स्वीकृत दर 25900/- रुपये प्रतिमाह की दर से नया वाहन जो एक वर्ष का भी नही है उसे लगाने को तैयार था इसके वावजूद प्राचार्य ने अधिक राशि की निविदा बुलाकर किराये पर वाहन लगा कर नवोदय विद्यालय को आर्थिक हानि पहुचाई गई है ।
नियमानुसार किसी भी निविदा को कम से कम तीन अखबारों में प्रकाशित किया जाना चाहिए जो नही किया जाता है और प्राचार्य अपनी सेटिंग के हिसाब निविदा आमंत्रित कर खाना पूर्ति करते हैं जिससे विद्यालय में अराजकता फेल रही है ।
विद्यालय में छात्र/छात्राओं के भविष्य शिक्षा,खान पान रहने की व्यस्थाएँ आदि पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है।
इनका कहना है...
जबाहर नवोदय विद्यालय पदमी के प्राचार्य से इस संबध में जानना चाहा तो उनका कहना है कि हमारे यहाँ अध्यक्ष कलेक्टर है और उनके मार्गदर्शन में टेंडर प्रकिया की गई है।
एन के झरिया
प्राचार्य जबाहर नवोदय विद्यालय पदमी

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