रेवांचल टाईम्स - आज मंडला जिले में लापरवाही और मनमानी करने और बिना भय का हर सरकारी अधिकारी कर्मचारी बेख़ौफ़ हो कर काम कर रहा है जो मन आता है वो कर रहा है सब नियम क़ानून को अपनी जेब मे रख लोगों के साथ खिलबाड़ कर रहे है और शिक्षा विभाग अब बेलगाम हो चुका है मनमाफ़िक कार्य चल रहा है शिक्षकों को नही है जिला प्रशासन का भय सब के सब बेलग़ाम हो चुके है आज किसी के साथ कुछ भी हो पर जिले में बैठे जिम्मेदार केवल कार्यवाही और जांच की बात कह कर अपना पलड़ा झांड़ते नजर आते है पर आज तक जानकारी में नही आया है कि लापरवाह ओर दोषियों पर कोई कार्यवाही हुई है सब के सब अपने रुतबे के बल पर बचते आ रहे है और इस जिले में चाहे जबाबदार अधिकारी हो या जनप्रतिनिधि सबको केबल अपनी जेब भरनी अच्छे से आती है।
वही जानकारी के अनुसार जिले के छात्राबास में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ पर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है शासन के नियमों कानून की ताक रख अपने निजी स्वार्थ के चलते जबाबदार अधीक्षक और संकुल प्राचार्य ने दो अनजान व्यक्ति को अपने विना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बच्चों के साथ रात रुकने दिया वो व्यक्ति को कोई नही जानता है कि कहा से आये है और कौन है केवल इतना पता है कि सरकारी योजनाओं का प्रचार प्रसार के लिये स्कूल स्कूल जा कर फ्लेक्स लगा रहे है। अधीक्षक और प्रचार्य ने सुरक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया आज छत्रावासो में रह रहे मासूम आखिर किसके भरोसे रह रहे है, और इन लापरवाह शिक्षकों के कारण सुरक्षित नजर नही आ रहे है।
वही जानकारी के अनुसार अंजनिया प्री मैट्रिक बालक छात्रावास अंजनिया में निवासरत बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किए जानें का मामला सामनें आया है। बताया जाता है कि प्री मैट्रिक छात्रावास में अनुसूचित जनजाति वर्ग के कक्षा नवमीं से बारहवीं तक के लगभग 50 छात्र रहते हैं। छात्रावास में मंगलवार - बुधवार की मध्यरात्रि दो बाहरी युवकों को छात्रों के साथ भोजन करवाकर उनके साथ ही रुकवा दिया गया। छात्रावास में रोके गए युवकों के बारे में बताया जाता है कि वे भोपाल से आए थे और विभिन्न स्कूलों में जागरूकता के फ्लेक्स लगाने का काम कर रहे हैं। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार भोपाल से आए दोनों युवक रात भर बच्चों के साथ रहे। इन दोनों युवकों के छात्रावास में रुकने और भोजन करने के संबंध में कोई प्रविष्टि या अनुमति नहीं थी। बताया जाता है कि छात्रावास में दर्ज छात्रों के अलावा छात्रावास स्टॉफ ही रात्रि रुक सकता है।अन्य किसी भी व्यक्ति को छात्रावास में रुकने की अनुमति प्रदान नहीं की जा सकती।
वहीं जबावदारों द्वारा नियम कानून को ताक में रखकर बिना सुरक्षा जांच के न केवल भोपाल से आए दो व्यक्तियों को बच्चों के साथ ही रुकवा दिया गया बल्कि उनके वाहन (छोटा हाथी) क्रमांक एमपी 20 एलए 3069 को भी छात्रावास परिसर में खड़ा करवा दिया। इस तरह बाहरी व्यक्तियों को छात्रों के साथ छात्रावास में रुकवाने से छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता था। वहीं छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई।
इनका कहना है-
शिक्षा मंडल भोपाल का पत्र दिखाया था और वो जिले के सभी स्कूलों में फ्लेक्स लगा रहा है रात हो चुकी थी इसलिए हमने उन्हें रुकने के लिए कह दिया था गलती तो हुई है अब दोबारा नही होगी।
सुधीर पटैल
संकुल प्राचार्य शासकीय हाई स्कूल अंजनिया
बाहर से आये किसी भी व्यक्ति को छात्रावास में बिना अनुमति प्रवेश नही दिया जाता है पर पटैल सर ने कहा की एक रात की बात है रुकवा दो कुछ नही होगा जो होगा हम सम्भाल लेंगे, आप उनसे ही बात कर लीजिए क्योंकि प्रभारी वो है जैसा कहेंगे आदेश मानना तो पड़ेगा पर बच्चों और स्टाप के अलावा यहां किसी को रुकने की अनुमति नही है।
राजाराम
हॉस्टल अधीक्षक अंजनिया
बाहरी लोगों को छात्रावास में छात्रों के साथ रोकना बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से पत्राचार किया जा रहा है। लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
विनोद पटेल
उपसरपंच एवं सभापति शिक्षा समिति अंजनियाँ
मुझे इस बात की जानकारी नही है कि बालक छात्रावास में अनजान व्यक्ति आके रुके हुये थे मुझे आपके माध्यम से जानकारी लग रही है में दिखवाता हूँ अगर ऐसा हुआ है तो बहुत गलत बात है ये घोर लापरवाही है छात्रावासो में कोई भी व्यक्ति कैसे रुक सकता है वो तो बच्चों के लिए है विभाग है हो या बाहरी नही रुक सकता बच्चों के परीजनों को रुकने अनुमति नही है । लापरवाह टीचर के ऊपर कार्यवाही की जाएगी।
वीरेन्द्र सिंह धूर्बे
खण्ड शिक्षा अधिकारी
भुआ बिछिया मंडला
मैंने आज ही प्रभार संभाला है मुझे इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है वरिष्ट अधिकारियों को अवगत कराकर दोषियों पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी ।
अंजनियाँ संकुल प्राचार्य हेमंत राणा

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