मण्डला 19 सितम्बर 2022
उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं ने बताया कि लम्पी एक वायरल
बीमारी है जो मच्छर, काटने वाली मक्खी एवं टिक्स आदि
से एक पशु से दूसरे पशुओं में फैलती है।
रोग के लक्षण- शुरुआत में हल्का बुखार
दो से तीन दिन तक रहता है। उसके बाद पूरे शरीर के चमड़ी में गठानें (2-3 सेंमी.) निकल आती हैं। यह गठान गोल उभरी हुई होती है जो चमड़ी के साथ-साथ
मसल्स की गहराई तक जाती है। पैरों में सूजन, दुग्ध उत्पादन में कमी, गर्भपात, बांझपन और कभी-कभी मृत्यु भी हो जाती है। अधिकतर संक्रमित पशु 2-3 सप्ताह में ठीक हो जाते हैं किन्तु उनकी दुग्ध उत्पादकता कमी कई सप्ताह तक
बनी रहती है।
बीमारी से सुरक्षा एवं बचाव के उपाय- संक्रमित पशु को स्वस्थ पशु से तत्काल अलग करें। मक्खी, मच्छर एवं टिक्स के रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय करें। संक्रमित क्षेत्र से
पशुओं का आवागमन न करें, पशुओं के रहने वाली जगह पर
साफ-सफाई रखें। शुरूआती लक्षण दिखने पर तत्काल निकटस्थ पशु चिकित्सक से संपर्क
किया जाए। संक्रमित पशु को पर्याप्त मात्रा में तरल हल्का खाना एवं हरा चारा दिया
जाना चाहिए। समस्त पशुपालकों से अनुरोध है कि उक्त बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर
तत्काल नजदीकि पशु चिकित्सा संस्था में संपर्क करें।

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