रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला को जोड़ने वाली नेशनल हाइवे तीस जबलपुर से रायपुर जो आज लगभग आज 7 साल से बन रही इस नेशनल हाईवे की निर्माण एजेंसी और विभाग को भारत रत्न ये उससे भी बड़ा पुरुस्कार देना चाहिए साथ ही जिले में रह रहे आदिवासियों के विकास करने वाले जनप्रतिनिधि जो अपने आप को नेता कहते है उन्हें भी सम्मानित करना चाहिए क्योंकि इस जिले का जो विकास हुआ वह क़ाबिले तारीफ़ है आज जिले में बनी नेशनल जिसमे एक भी गड्ढे नही है इस काँच से बनी रोड़ में चलने वाले आये दिन सीधे यमराज के दर्शन करते हुए निकलते है।
वही हालात अब जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़को के जहाँ लोग अगर घर सही सलामत पहुँच जाते है अपने अपना भाग्य समझते है। जिले विकास खंड निवास, बिछिया, मवई, नैनपुर, नारायण गंज, नैनपुर, विकास खण्डों को जोड़ने वाली सड़क आज वेंटीलेटर में है और यहाँ के जनप्रतिनिधि रोज नए नए घोषणा कर रहे हैं बेचारी जनता इनके किये गए वादे सब अब बोर हो चुकी है।
वही जिला मुख्यालय मंडला ओर बिछिया से डिंडोरी को जिला जोड़ने वाली स्टेट हाईवे बिछिया से डिंडोरी का मुख्य मार्ग बड़े- बड़े गड्ढे में तब्दील हो गया है। लोग चलते चलते ये सोच रहे है कि सड़क में चल रहे या खेत में आज सड़को से अच्छी हालात खेतो की है।जिसकी वजह से वाहनों का गुजरना मुश्किल हो रहा है. स्टेट हाईवे में बने गड्ढे अक्सर हादसों का सबब बनते नजर आ रहे हैं। इन गड्ढे पर आए दिन वाहन फस रहे हैं दो पहिया वाहन सवार आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं वाहन चलाना किसी खतरे से खेलने जैसा है। बिछिया से महज 8 से 10 किलो मीटर दूरी पर सबसे ज्यादा खराब है इस मार्ग से वीआईपी और जिला के प्रशासनिक अधिकारियों का आना-जाना बहुत होता हैं पर सड़क के गड्ढे पर किसी का ध्यान नही है इसके करना सड़क की हालत खस्ता बनी हुई है
सड़क की खराब हालत होने के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, ओर आये दिन असमय इनकी मुलाक़ात यमराज से हो रही है। वहीं एमपीआरडीसी (मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन) और नेशनल हाईवे तीस के अधिकारी भी इस दिशा में उदासीन नजर आ रहे हैं. इसके कारण लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
विकासखंड बिछिया से जिला मुख्यालय डिंडोरी को जोड़ने वाली स्टेट हाईवे बड़े बड़े गड्डो में तब्दील
वही मध्य प्रदेश में सड़कों की हालत कभी खराब थी बारिश के बाद अब इन सड़कों की हालत और भी ज्यादा खस्ता हालत हैं प्रशासन बारिश के बाद इन सड़कों पर ध्यान नही दिया जिसके चलते सड़क पर बड़े बड़े गड्ढे तब्दील हो गए हैं राहगीरों का कहना है कि आए दिन इन गड्ढों से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, कई बार इन गड्ढों के कारण बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लोगों ने बताया की, इन सड़कों की मरम्मत के नाम पर मात्र लीपापोती होती रही है, लेकिन काफी समय से इन सड़को के मरम्मत नही हुई इसलिए इन सड़को की हालत जस के टस बनी हुई है एमपीआरडीसी के अधिकारियों की मांने तो सड़क का निर्माण 15 से 20 टन वजन के हिसाब से किया जाता है। लेकिन रेत, पत्थर के डंपर दोगुने से अधिक भार लेकर चलते हैं। एक-एक डंपर में 30-35 टन या उससे भी अधिक रेत,पत्थर होने के कारण रोड की यह हालत खस्ता बनी हुई है। और नेशनल हाइवे तीस में बनी पुल पुलिया से लोहे की छडे निकल चुकी है और जगह जगह बड़े बड़े गड्ढे है। हाइवे में हुए गड्ढों के कारण रोज घटना ओर दुर्घटना हो रही वही विभाग को सब पता है और आने जाने वाली गडियो से टोल तो ले रहे पर सड़क मरम्मत करनी की फुर्सत भी नही है। रायपुर जबलपुर देश का पहला ऐसा नेशनल हाईवे है जहाँ पर आपकी कब मुलाकात यमराज से हो जाये ये भगवान ही जनता है और जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी निभा कर चैन से कुंभकरणी नीद में सो रहे है।




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