रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के विकास बीजाडांडी में बीते दिनों हुई शान्ति सामिति की बैठक में एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि ने नगर में चल रहे अबैध सट्टा के सबंध में बतलाया कि जल्द से जल्द उन दो से चार बनाने वालों पर कार्यवाही करें अन्यथा जनता को आगे आना पड़ सकता है। पुलिस को सब बताने के बाद भी आज भी नगर से कस्बो में सट्टा चल रहा है । इससे यह प्रतीत होता है कि पुलिस खुद ही इन माफियाओं के साथ साठगांठ कर इन्हें प्रोत्साहित कर रही है इन्हें जनता से कोई लेना देना नही है।
वही वीजादांडी के जनप्रतिनिधि धाकड़ नेताओ ने सट्टा बंद कराने ज्ञापन से लेकर शांति समिति की बैठक में आवाज बुलंद की हो वही सट्टा का सरताज चाहता है अब जनचर्चा का विषय बन गया है पुलिस बरसते नोटों सट्टा किंग के इसारे में ठुमका लगा रही है जो वह चाहता है पुलिस वही करती है राष्ट्रीय राजमार्ग में उदयपुर से लेकर बीजाडांडी कालपी एवं इनके आसपास के छेत्रो तक किंग के गुर्गो का मकड़जाल फैला है बताया गया की बालाजी डे कल्याण मॉर्निग राजधानी नाईट गेम का चलन है। 1 रुपय में 9 रुपय जोड़ी में 1 के 80 मिलते है भोले भाले आदिवासी सबसे ज्यादा शिकार हो रहे है कुछ दिन पहले ही एक बात सामने आई थी सलैया ग्राम का एक व्यक्ति को उसी की पत्नी ने गेंहू पिसवाने भेजी वह सट्टा का आदि था गेंहू बेंच कर सट्टा खेल गया और पूरा पैसा हार गया घर जाकर अपनी पत्नी से बोला आज चक्की बंद है कल पीस जायेगा लेकर आ जाऊंगा यह जनचर्चा का विषय था की सट्टा में लोग बर्बाद तबाह हो रहे परिवार कलह आम बात हो गई बड़ी बारदात होने को भी नहीं टाला जा सकता यदि यही सट्टा का कारोबार चलता रहा चर्चा में यही बात की गूँज है पुलिस को माया मोह त्याग कर सट्टा पर ताबड़तोड़ कार्यवाही कर बिखरते परिवार को जोड़े एक बड़ी बर्बाद होने से रोका जा सके। ये जन माँग है...

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