रेवांचल टाईम्स - कहने को तो तो प्रदेश में फ्री शिक्षा फ्री ईलाज पर ये सब हवा हवाई है इनकी जमी हकीकत कुछ और ही है आज सालो से एक ही जगह पर अपनी जड़ जामाये बैठे जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी सरकार के आदेश को अपने ठेंगे में ले रहे है और हर सरकारी व्यवस्था अब निजी व्यवस्था हो चुकी है आज ऐसा एक भी सरकारी कार्यालय नही है, जहाँ पर बिना ऊपरी फीस चुकाए लोगो के काम या उनको मिलने वाली योजनाओं का लाभ मिल सके सरकार की योजनाओं में सरकार तो कह रही कि जनता को फ्री दी जाए पर क्या गरीबों तक वह योजनाएं पहुँच रही क्या उन्हें सरकार द्वारा जारी मुलभूत सुविधाएं मिल पा रही ये कौन देख रहा है और इसका जिम्मेदार कौन है जो आज हर सरकारी दफ्तरों में खुलेआम पैसों की डिमांड की जाती है और पैसे न मिलने पर लोगो के काम समय मे नही किये जाते है। आख़िर ये कैसी सरकारी व्यवस्था है।
सरकारी अस्पतालों में बिना पैसों के लोगों छूने की जगह डॉक्टर नर्स देखना भी मुनाशिब नही समझते है।
खुलेआम की जा रही है इलाज के बदले पैसे की डिमांड नही है किसी अधिकारी कर्मचारी को सरकार द्वारा जी रही राशि कम पड़ रही है जिस कारण आज खुलेआम रिश्वत की माँग कर रहे है इन्हें न नोकरी जाने का भय न डर,
5 हजार रुपए दीजिए तो यहां प्रसव नहीं तो दमोह कर रहे रेफर एएनएम ने 4500सौ रुपए लेकर किया प्रसव, महिला के पति ने बनाया एएनएम का रुपए मांगते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर कर दिया वायरल
प्रदेश में आज हर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था बे पटरी हो चुकी है जर्जर जर्जर हो चुकी इस व्यवस्था से लोग परेशान हो चुके है और जब सरकारी अस्पतालों में पैसे देने ही है तो क्यो सरकारी अस्पतालों के चक्कर काटे आज सरकारी अस्पताल की जगह निजी अस्पताल ले चुके है और सरकारी व्यवस्था में अब सरकारी नही रही निजी के तर्ज में संचालित हो रहे है सरकारी संस्थान।
वही सोशल मीडिया एक विडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमे खुलेआम प्रसव करनी वाली सरकारी तंत्र की जिम्मेदार अपनी मेहनत का मेहनताना माँग रही है। दमोह जिले के तेन्दूखेडा विकासखंड के सर्रा उप स्वास्थ्य केंद्र का मामला अधिकारियों ने दिए जांच के निर्देश
दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में कैसे स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर सरकारी कर्मी रुपए वसूलने का काम करते हैं साथ ही रुपए नहीं मिलने पर दूरी का फायदा उठाते हुए दमोह और जबलपुर या फिर तेन्दूखेडा ब्लॉक का रास्ता दिखा देते हैं इसका एक उदाहरण दमोह जिले के तेन्दूखेडा विकासखंड के सर्रा उपस्वास्थ्य केंद्र से सामने आया है जिसमें यहां पदस्थ एएनएम का एक पीड़ित द्वारा वीडियो वायरल किया गया है जिसमें मेडम को प्रसव कराने के लिए पांच हजार रुपए चाहिए नहीं तो दमोह और जबलपुर रेफर कर देंगी वीडियो मे खुलकर एएनएम रुपए मांगती नजर आ रही है साथ ही रुपए नहीं होने पर कैसे रुपए निकल आते हैं उसका भी उदाहरण दे रही है नतीजन पीड़ित ने 4500सौ रुपए देकर अपनी पत्नी का प्रसव तो करा लिया लेकिन एएनएम का वीडियो बनाकर सच्चाई को बाहर जरूर कर दिया है यह वीडियो 30 जून का बताया जा रहा है जो के सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहा है जिसे तेन्दूखेडा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम धनेटा माल के गोलू पटेल ने वायरल किया है पहले तो वह इसे वायरल नही करना चाहते थे लेकिन बाद में व्यवस्था के सुधार के लिए इसे उन्होंने जरूरी समझा
रुपए मिलते ही सर्रा में करा दिया प्रसव
गोलू की पत्नी का प्रसव होने के लिए उसे सर्रा के उपस्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था जहां पदस्थ एएनएम गीता लाल ने महिला को दमोह रेफर करने की बात कहीं थी जहां महिला के परिजनों ने सर्रा में ही प्रसव के लिए बोला तो एएनएम महिला गीता लाल द्वारा 5हजार रुपए की मांग की गई थी जहां परिजनों ने दमोह की दूरी के चक्कर में यहां पर डिलीवरी करने के लिए पांच हजार रुपए देने के लिए हां कर दिया था साथ ही बाद में मोलभाव करते हुए वीडियो बना लिया था और 4500 सौ रुपए में सौदा कर दिया था धनेटामाल निवासी गोलू कुर्मी पटेल ने बताया कि वीडियो बनाने के बाद मेरे द्वारा इसकी जानकारी सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी की गई थी लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई है एएनएम द्वारा अन्य लोगों से भी रेफर नहीं करने के नाम पर पैसे की मांग की जाती है इसीलिए वीडियो को वायरल करना पड़ा जिससे अन्य लोगों के साथ ऐसा न हो
आए दिन सामने आते रहते हैं रुपए मांगने के मामले
सर्रा उप स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिला की प्रसव के नाम पर पैसे मांगने की बात पूर्व में भी कई बार आई है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पढ़े लिखे गरीब लोग यहां वहां नहीं भटकने के चक्कर में पैसे देकर प्रसव करा लेते हैं यहां पर प्रसव के नाम पर पैसों की मांग करना कोई नई बात नहीं है यहां पर आने वाली गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों से आए दिन पैसा मांगने की जानकारी मिलती रहती है लेकिन गर्भवती महिला की हालत देखते हुए मरीज और उनके परिजन कुछ पैसे देकर प्रसव करवाने के लिए तैयार हो जाते हैं जिसका फायदा यहां पर पदस्थ कर्मचारियों द्वारा उठाया जाता है
दूरी और मजबूरी का उठा रहे फायदा
सर्रा उप स्वास्थ्य केंद्र तेन्दूखेडा मुख्यालय से 45 किमी एवं दमोह जिला अस्पताल ले 85 किमी दूर है सर्रा ग्राम लगभग में 20 वर्ष पहले शासन ने स्वास्थ्य केंद्र खोला था लेकिन जब से अस्पताल खोला गया है वहां पर डॉक्टरों की पदस्थापना की गई थी लेकिन आज तक कोई भी डॉक्टर ने स्थाई मरीजों की नब्ज नहीं टटोली मात्र एएनएम व अन्य नर्सों द्वारा यहां पर उपचार व डिलीवरी कराई जा रही है जो भी यहां से मुख्यालयों की दूरी और लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर रुपए की वसूली करने में लगे हुए हैं
क्या कहते हैं जिम्मेदार
इस.संबंध में एसडीएम अभिनाश रावत का कहना है कि अगर सर्रा में पैसे लिए जा रहे हैं तो मैं अभी बीएमओ से बात करता हूँ और सर्रा अस्पताल का निरीक्षण करने और जांच करने के लिए बोलता हूं और वैधानिक कार्रवाई के लिए बीएमओ को बोलते हैं जांच कराते हैं अगर पैसे लिए जा रहे हैं तो कार्रवाई की जाएगी
अभिनाश रावत
एसडीएम तेन्दूखेडा दमोह
इनका कहना
सामुदायिक केंद्र सीबीएमओ आरआर बागरी ने बताया है कि यह पुराना बीडियो है। इसके बाद भी उसका सत्यापन कराया जा रहा है। हालाकी इसकी पूर्ण जॉच की जा रही है। सम्पूर्ण मामला जिला स्वास्थ्य अधिकारी की जानकारी में भी आ गया गया। संबंधितो के बयान लेकर विधिवत कार्यवाही की जाएगीं
आर आर बागरी
बीएमओ स्वास्थ्य विभाग तेन्दूखेडा

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