रेवांचल टाइम्स :- डिंडोरी को आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिला माना जाता है जहां दरअसल लम्बे समय से मजदुरो के साथ हो रहा अन्याय पर कोई भी कार्यवाही नही हो रही हैं वही जिम्मेदार गन्धार नरेश की भूमिका अदा कर रहे है , वही पीआईयू विभाग द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा है जहां अधिकारी व ठेकेदार कुबेर पति बने रहे है और अधिकारी भी तमस बिन बने हुए है या मजदुरो के शोषण में सरीख है, वही कार्यवाही के आभव में मजदुरो के साथ हो रहे अन्याय में जिला अव्वल है मजदुरो की पसीने का जिले में कोई महत्व ही नही रह गया, क्या इस ओर विभाग कि कोई जिम्मेदारी नहीं बनती
दरअसल मामला थाना करंजिया अंतर्गत रूसा आवास टोला शासकीय कन्या परिसर का है नवम्बर 2017 से कन्या शिक्षा परिसर भवन निर्माण कार्य चल रहा है, निर्माण कार्य बाल किशन कंस्ट्रक्शन कंपनी बिलासपुर के द्वारा किया जा रहा है, इस कम्पनी के भारी लापरवाही के कारण एक मजदूर की मौत हो गई, सूत्रों के मुताबिक निर्माण एजेंसी मजदुरो के साथ शोषण व अन्या कर कुबेर पति बना हुआ है, वही जिम्मेदार भी समर्थन में है , करंजिया पुलिस राजेन्द्र के मुताबिक दिनांक 11/ 09/2022 को लगभग 4 बजे के आसपास पप्पू सिंह पिता बुध्धु सिंह उम्र 35 वर्ष की मौत होई है करंजिया पुलिस राजेन्द्र यादव ने बताया कि मर्ग कायम कर लिया गया है जिसमे मृतक के पिता - बुध्धु सिंह, भाई - धन्नू व मृतक की माँ के साथ मौके पर मजदूर उमेन्द्र साहू व रूसा निवासी जगदीश के बयान एवम अन्य काम कर रहे मजदुरो के बयान लिया गया है वही कम्पनी के कर्मचारी व सुपरवाइजर के बयान लेना बाकी है और कम्पनी संचालक को भी बुलाया गया है । करंजिया विवेचक ने बतलाया कि जाँच जारी है इनके द्वारा यह भी बतलाया गया कि मजदुरो को महज 200 रुपये में लगभग 100 मजदूर काम कर रहे है यह भी बताया गया है मजदुरो का बीमा भी नही किया गया है व मजदुरो को दो मंजिले भवन निर्माण में किसी भी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है ना ही इनको बेल्ट बांधने वाले दिए गए हैं यह ठेकेदार की गंभीर लापरवाही सामने आ रही है इस पूरे मामले में ठेकेदार और विभाग द्वारा सांठगांठ कर मामले को दबाने में लगे हुए हैं क्या आखिरकार मजदूर की मौत के बाद उसके परिवार का पालन पोषण ठेकेदार जवाबदारी लेगा ऐसा कभी नहीं होगा चंद पैसों का लालच देकर उसके परिवार को गुमराह कर दिया जाएगा और उसका परिवार दो वक्त की रोटी के लिए दर-दर की ठोकरें खाता रहेगा आखिर ठेकेदार द्वारा मजदूरों का क्यों रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया जाता यहां तो अपने आप में एक अहम सवाल हैं।



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