वहीँ राजधानी भोपाल में दो दिन लगातार तेज बारिश के बाद आज मौसम साफ़ है। भोपाल से गुजरी कलियासोत नदी उफनाने से दामखेड़ा और मर्दाना टोला में 70 परिवार को स्कूल में शिफ्ट करना पड़ा। भोपाल के कलियासोत, केरवा और भदभदा डैम ओवरफ्लो हो चुके हैं। नर्मदापुरम में नर्मदा खतरे के निशान से बस कुछ ही नीचे है। मंगलवार को नदी का लेवल 966 फीट तक पहुंच गया था। फिलहाल, नदी का जलस्तर घटकर 960 फीट तक आ गया है। सीहोर जिले के कोलार डैम के सभी 8 गेट खोले जा चुके हैं। कैचमेंट एरिया में भी बारिश होने के बाद स्थिति गंभीर हो गई है। खंडवा जिले में प्रशासन ने मोरटक्का पुल से आवागमन बंद कर दिया है।
लगातार बारिश के बाद नर्मदा नदी का जलस्तर 10-12 फीट ऊपर है। ऐसे में जबलपुर के बरगी डैम के 13 गेट खोलकर पानी बहाया जा रहा है। डैम में पानी की ज्यादा आवक होने से बुधवार दोपहर 2 बांध के 12 गेट और खोलने का निर्णय लिया गया है। डैम प्रबंधन 15 गेट की मदद से बांध से 4202 घन मीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ेगा। आपको बता दें कि, बुधवार सुबह 8 बजे तक डैम का वाटर लेवल 422.25 मीटर हो गया है।

No comments:
Post a Comment