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Sunday, August 28, 2022

ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित ग्रामीण, नदी में पुल नहीं स्कूली बच्चों को कंधे में बैठा कर पार कराते हैं पालक....




रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहूल्य जिला मंडला के विकास खण्ड नारायणगंज में लोग आज अपनी मुलभूत सुविधाओं से वंचित है।

             वही डिजिटल देश के ग्रामीण अंचलों में लोग आज भी आजादी पूर्व की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। सड़क बिजली पानी जैसे मूलभूत सुविधाएं अभी भी इन लोगों तक पहुंची ही नहीं है ।एक तरफ शासन द्वारा गांव गांव को विकास की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी बड़ी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिससे कि लोगों को आवागमन में असुविधा ना हो और ये अपनी आवश्यकताएं आसानी से पूरी कर सकें। साथ ही डिजिटल युग में कदम से कदम मिलाकर चल सके। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की हकीकत कुछ और ही बयां करती है विकासखंड मुख्यालय से लगा हुआ ग्राम पंचायत सिकोसी के पोषक ग्राम बोरिया जोकि नेशनल हाईवे सड़क से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर बसा है ।जिसका एक मोहल्ला ग्वारी टोला के नाम से जाना जाता है यह गांव से 1 किलोमीटर की दूरी में है और यहां पर लगभग 45 परिवार की बसाहट है वही 350 लगभग की आबादी बसती है। सड़क ना होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है गंभीर बीमार मरीज वा गर्भवती महिलाओं को खाट या टोकरी में बिठाकर अस्पताल पहुंचाने के लिए 2 किलोमीटर दूर सड़क तक लाना पड़ता है। वर्षों से ऐसे हालातों में यहां के वासियों का जीवन यापन चल रहा है एक तरफ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रत्येक राशन कार्ड धारी के लिए घर-घर राशन पहुंचाने की सुविधा देने की चलाई जा रही है।  परंतु उक्त वाहन का यहां के बाशिंदों तक पहुंचने से पहले ही बीच में नदी होने से राशन आपके द्वार योजना अंतर्गत राशन वितरण करने निकले वाहन को रोक लेता है। जहां से हितग्राहियों को अपना राशन सर में उठा कर ढो कर 2 किलोमीटर दूर अपने घर लाना पड़ता है। वही स्कूली बच्चों को भी आवागमन में भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है नदी में बाढ़ की स्थिति में कई कई दिनों तक स्कूल नहीं जा पाते या परिजनों को साथ आकर अपने बच्चों को कांधे में बिठाकर नदी पार कराना पड़ता है ऐसा नहीं है कि ग्रामीणों द्वारा आजादी के बाद इतने वर्षों में पुल व सड़क की मांग ना की गई हो लगातार शासन प्रशासन से पुल एवं सड़क की मांग किया जाता रहा है परंतु महज आश्वासन के अलावा अब तक यहां के बाशिंदों को और कुछ ना मिल सका। विगत दिनों ग्रामीणों के शिकवे शिकायत उपरांत स्थानीय समाचार पत्रों में यहां की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित की गई जिस पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर द्वारा एसडीएम निवास शिवाली सिंह को मौका निरीक्षण हेतु भेजा गया बात 1 अगस्त 2022 की थी जहां मौके पर एसडीएम निवास निरीक्षण के लिए पहुंची साथ में स्थानीय तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी अपने अमले के साथ पहुंचा जहां मौजूद ग्रामीणों को एसडीएम द्वारा एक सप्ताह में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पत्थरों व जाली का गेबियन निर्माण कराने का आश्वासन दिया गया।वह भी अब तक सिफर ही रहा। परंतु ग्रामीणों की समस्याओं से स्थानीय प्रशासन को तनिक भी सरोकार नहीं है यहां पूरे अगस्त का माह  बीतने को चला है अब तक यहां एक पत्थर भी नहीं डाला गया।

स्थानीय ग्रामीण अमर सिंह मरावी,हनमत उईके, सुनील उईके, राजेश उईके, सूरज उईके आदी का आरोप है लंबे समय से हम सभी ग्रामीणों द्वारा एवं सड़क निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं परंतु शासन प्रशासन अब तक हमें कोरे आश्वासन ही देते रहा है विगत दिनों एसडीएम निवास के साथ जनपद पंचायत के अधिकारी मौके पर पहुंचे और गेबियन निर्माण के लिए उपयंत्री व सहायक उपयंत्री द्वारा फौरी तौर पर टेप निकाल कर नाप तौल का नाटक शुरू किया गया।और

 हमें 15 मीटर का मात्र मीटर टेप दिखाकर चले गए।शासन प्रशासन हमारी गम्भीर समस्याओं को लेकर तनिक भी गंभीर नहीं दिख रहा है।स्थानीय प्रशासन के लगातार इस प्रकार के रवैया से स्थानीय ग्रामीणों में खासा रोष व्याप्त है वही ग्रामीणों द्वारा चेतावनी दी जा रही है शीघ्र समस्या का निदान अगर नहीं होता है तो इस स्थिति में मजबूर होकर आंदोलन की राह पकड़ेंगे।


इनका कहना है


        तत्कालीन व्यवस्था के लिए एक सप्ताह के भीतर गेबियन निर्माण कार्य करने जन जनपद पंचायत अधिकारियों द्वारा कहा गया था।जो स्थानीय ग्रामीणों की आवागमन में मददगार होता।  परंतु अब तक काम शुरू क्यों नहीं किया गया है। शीघ्र कार्य कराने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को बोलती हूं।


                       शिवाली सिंह

             अनुविभागीय अधिकारी निवास


प्रशासन की नाकामी है वर्षों से स्थानीय जनों द्वारा पुल व सड़क की मांग की जा रही है। अनेकों बार मेरे द्वारा भी पत्राचार किया गया है। परंतु आमजन के हित में प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है।

                         इंजी. भूपेंद्र वरकडे

                 सदस्य जिला पंचायत मंडला

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