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Sunday, August 7, 2022

सिवनी में लगातार बढ़ रही है चोरी की वारदातें पुलिस प्रशासन लगातार दे रहा है नाकामी का परिचय....



दैनिक रेवांचल टाईम्स - सिवनी में चोर मस्‍त, पुलिस पस्‍त चोरो ने दी 15 दिन में 14 चोरी की वारदातें सिवनी में लगातार चोरी की वारदातें बढ़ती जा रही है। यहां बीते 15 दिनों में चोरी की 14 वारदातें हो चुकी है। पुलिस चोरों को पकड़ने में नाकाम नजर आ रही है। वहीं, बात अगर बीते 6 महीने की करें तो यहां करीब 100 चोरी के मामले सामने आए है। हर दिन चोरी की वारदातें सामने आने के बाद अब पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे है।सिवनी जिले में चोरी की घटनाएं बढ़ रहीं हैं, आलम ये है कि बीते 15 दिनों में 14 चोरी की वारदातें सामने आ चुकी है, लेकिन पुलिस चोरी जैसी वारदातों का भी खुलासा कर पाने में नाकाम साबित हो रही है। जिले के लोगों में दहशत है ।और वह पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठा रहे हैं। पिछले छह माह की अगर बात करें तो इस दौरान चोरी के लगभग 100 के आसपास मामले पुलिस ने दर्ज किए लेकिन, चुनिंदा मामलों को छोड़कर किसी का खुलासा नहीं हुआ।

आप को बता दें कि पुलिस ने जिन चोरियों के खुलासे भी किए उनमें एफआईआर में दर्ज रकम के मुताबिक बरामदगी भी नहीं कर सकी। चोरी करने के बाद बदमाश आराम से गायब हो रहे हैं। पुलिस सिर्फ लकीर पीटने का ही काम कर रही है। पुलिस के इस अंदाज से चोरों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। हाईटेक बदमाशों से लोहा लेने का दावा करने वाली सिवनी पुलिस, घरों का ताला तोड़ने वाले चोरों तक से निपटने में नाकाम साबित हो रही है। पिछले 6 माह की ही बात करें, तब इस दौरान जिले के 8 थाना क्षेत्रों में चोरी के लगभग 100 के आसपास मामले दर्ज हुए है लेकिन, पुलिस किसी भी बड़े मामले का खुलासा अब तक नहीं कर पायी है। पुलिस की लापरवाही का आलम ये है कि चोरी करने के बाद शातिर चोर आराम से गायब हो रहे हैं और पुलिस सिर्फ लकीर पीटने का ही काम कर रही है। एक तरफ शहर की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने और अपराधियों पर शिकंजा कसने को लेकर पुलिस के आला अधिकारी बड़े-बड़े दावे कर रहे है, वहीं दूसरी तरफ अनसुलझी चोरियां पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुईं हैं। चोरी-नकबजनी की वारदातों में पुलिस पिछले 2 सालों से लगाम नहीं लगा पा रही है। चोर आए दिन घरों के साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं धार्मिक स्थलों को निशाना बना रहे है । जिले में गश्त से लेकर घटना के बाद सुराग जुटाने में भी पुलिस का बेहद लापरवाह रवैया भी कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। चौक-चौराहों पर चेकिंग पाइंट लगाकर पुलिस वाहनों की चेकिंग, मास्क चेकिंग, हेलमेट चेकिंग कर चालान बनाते हुए तो दिख जाती है, लेकिन, शहर की कॉलोनियों, गली-मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि सुरक्षा पूरी तरह से ठप है। डायल 100 वाहन भी एक ही जगह खड़े रहते हैं, वो भी कोई कॉल आने पर ही घटनास्थल पर रवाना होते हैं। पुलिस की इन्ही लापरवाहियों का फायदा उठाकर चोर घरों, दुकानों के साथ-साथ अब भगवान के घरों तक को निशाना बना रहे है। थानों के एसएचओ इन वारदातों के सीसीटीवी फुटेज देखकर मामला दर्ज कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं। इससे अनसुलझी चोरियों की फेहरिस्त बढ़ती ही जा रही है और पुलिस दफ्तरों में बैठकर घटनाओं पर काम दस्तावेजों तक ही सीमित नज़र आ रहा है।


अखिल बन्देवार के साथ दैनिक रेवांचल टाईम्स की एक रिपोर्ट

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