दैनिक रेवांचल टाईम्स - सिवनी जिले में जन्मे कृषि छात्रों, वैज्ञानिकों ने वर्ष 2022 अगस्त में भारत की आजादी की 75 वी वर्षगांठ पर प्रण किया है। कि सिवनी जिले से निकलने वाले कृषि स्नातक छात्र छात्राओं को भविष्य में कैरियर संबंधित गाईडलाईन देने के लिये अब भटकना नहीं होगा । आई सी ए आर एवं म.प्र. प्री एग्रीकल्चर टेस्ट के लिये ११ वी एवं १२ वी के छात्रों को अपने विद्यालय एवं घर में ही रहते हुये ऑनलाईन ई-प्लेटफार्म के माध्यम से नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करने के लिये एक टीम गठित की गयी हैं जिसके संपूर्ण भारत वर्ष के विभिन्न जगहों पर सिवनी के कृषि छात्रों द्वारा अपना योगदान प्रदान किया जायेगा सिवनी के कृषि में पी.एच.डी. (डाक्टरेट) की संख्या लगभग १०-१२ है जो कि अपने अलग-अलग कृषि विषयों में परांगत है । एम.एस.सी. कृषि के छात्रों की संख्या ८० के लगभग है और कृषि स्नातक छात्र-छात्राओं की संख्या १०० से भी अधिक है। वन सभी छात्रों ने अपना संगठन बनाने की शुरूवात २००७ में किया था जिसमें ५० छात्र छात्राओं ने पहली बार एकत्रित होकर विशेष निर्णय लिये थे एसोसियेशन ऑफ एग्रीलॉन्चर बनाया हुआ था ।
शिव की नगरी सिवनी जिले के कृषि शिक्षा के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त भूतपूर्व छात्र छात्राओं के एग्रीकल्चर एलुमनाई एसोसिएशन सिवनी द्वारा एक मिलन समारोह का आयोजन कृषि कृषि ज्ञान विज्ञान एवं तकनीक की पाठशाला कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित किया गया छात्रों के इस मिलन समारोह में सिवनी जिले में मूल रूप से रहने वाले कृषि शिक्षा के उच्च शिक्षा प्राप्त समस्त एलुमनाई द्वारा सिवनी जिले में कृषि शिक्षा कृषि शोध कृषि प्रचार प्रसार एवं कृषि से संबंधित नवीनतम तकनीकी का बेहतर तरीके से बहुरंगी कार्यों को सर्वत्र फैलाने एवं जिले में हमारे अन्नदाता किसानों को कृषि से संबंधित समस्त समसामयिक जानकारी के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें कार्य करने हेतु अनेक कार्यों को नवाचार के दृष्टिकोण से एक मिलन समारोह का आयोजन किया गया इस मिलन समारोह में सभी कृषि एलुमनाई द्वारा एकजुट होकर संकल्प लिया कि सिवनी जिले में कृषि के पूर्व छात्रों द्वारा अनेक अनेक कार्यों को क्रमबद्ध तरीके से बेहतर रोड मैप बनाकर क्रियान्वित किया जाएगा इस हेतु सभी लोगों ने पूर्ण ऊर्जा उत्साह उमंग के साथ सहभागिता प्रदान की म.प्र. के कृषि छात्रों की गौरव गाथा अपने काम में विशेष पहचान बनायी हुयी है।
ओम ठाकुर :- म.प्र. के प्रथम कृषि विश्वविद्यालय ज.ने.क़. वि.वि. जबलपुर के प्रमण्डल सदस्य के रूप में कृषि शिक्षा के लिये अपना अमूल्य योगदान दे रहे है, इसके पहले आपने लाख में कृषकों की भागीदारी एवं आर्थिक लाभ दिलाने के लिये अनुसंधान एवं प्रचार – प्रसार किया । म.प्र. में फसलों के मूल्य निर्धारण के लिये भी आपकी महत्वपूर्ण भूमिका देखी गयी है। कृषि छात्रों को संरक्षण देने मार्गदर्शन प्रदान करने में अभूतपूर्व योगदान दिया जा रहा है।
डॉ. शेखर सिंह बघेल :- ई.टी.व्ही. कृषि टी.व्ही.चैनल से अपनी पहचान बनाने के बाद, मृदा विज्ञान से पी.एच.डी. करके आप वर्तमान में ज.ने.कृ. वि.वि. जबलपुर में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं हेड के पद पर रहते हुये कृषि विश्व विद्यालय की कृषि मीडिया प्रभारी (पी.आर.ओ.) के साथ वाणी स्टुडियोंमें संपूर्ण कृषि कार्यक्रम का सफल संचालन किया जा रहा है । भारत एवं म.प्र. के दूरदर्शन के कृषि टी.व्ही. चैनल के कृषि दर्शन कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञ के रूप में नवीन जानकारी कृषकों की प्रदानकर उनकी लागत कम करने का कार्य में सहयोग किया जा रहा है।
डॉ. अखिलेश कुल्हाडे:- कृ;षि प्रसार में पी.एच.डी. कर , दूरदर्शन के कृषि दर्शन कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञ , कृषि पत्रिका में लेखन कार्य , कृषि विभाग के सिवनी में तकनीकि सहायक के पद में कायर्रत है। कृषकों को मशरूम उत्पादन , मधुमक्खी पालन और जैविक खेती आदि कृषि प्रशिक्षण के साथ कृषि सलाह, देने पी.ए.टी. कृषि में छात्रों को नि:शुल्क नोटद्स एवं प्रवेश संबंधित सलाह आपके द्वारा प्रदान किया जाता है
डॉ. चुन्नीलाल राय :- कृषि एग्रोनोमी में पी.एच.डी. कर सिवनी के लखनादौन क्षेत्र में, कृषि विद्यालयका संचालन एवं पी.ए.टी. के लिये तैयारी कराने के लिये भी विशेष सहयोगप्रदानकिया जा रहा है। आप म.प्र. शासन के बीज निरीक्षक के पद में शहडोल में सेवायें प्रदान कर रहे हैा सिवनी में कृषि छात्रों को एकत्रित करने के साथ उनके उज्जवल भविष्य के लिये आपका योगदान प्राप्त है ।
डॅा. पंचम सनोडिया :- कृषि विषय से पढाई करने के बाद छिन्दवाडा विश्वविद्यालय में एसिस्टेंट रजिस्टार के पद पर आपकी गरिमामयी कार्यशैली से आप विशेष पहचाने जाते है।
डॉ. राजेश्वर सनोडिया :- सिवनी के कृषि छात्रों में भारतीय कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल द्वारा आयोजित परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर प्रथम रैंक के साथ वैज्ञानिक पद पर कार्यरत है।
डॉ. आलोक सिंह :- अखिल भारतीय स्तर पर तीसरी रैंक के साथ वैज्ञानिक पद पर चयनित होकर कार्यरत है।
डॉ. प्रतीक सनोडिया :- विश्व हिन्दु बनारस (उ.प्र.) के कृषि शिक्षण संस्थान में एसोसियेट के पद पर कार्यरत हैं। आप सिवनी के कृषि छात्रों को ऑनलाईन क़ृषि शिक्षा प्रदान करेगें में सहायता प्रदान करेगें।
मोहित गोल्हानी :- द्वारा सिवनी भूतपूर्व कृषि छात्रों की फोन डायरेक्ट्री तैयार की गयी, जिसमें सिवनी के छात्रों की जानकारी सचित्र दर्शायी गयी। सिवनी के कृषि छात्रों की गौरव्गाथा को सभी ने सराहना की है। अन्य जिलों के लिये संकल्प प्रेरणादायक के रूप में है मण्डला जिला के कृषि विभाग में आत्मा परियोजना में बी.टी.एम. के पद पर आदिवासी कृषकों के साथ सिवनी लखनादौन के कृषकों को नवीन तकनीकी प्रदान कर रहे है।
सिवनी जिले के कृषि छात्रों को कृषि विभाग के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग प्रदान करने का आस्वासन उपसंचालक कृषि मोरिस नाथ द्वारा दिया गया एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. निखिल सिंह द्वारा विभिन्न तकनीकी विषय में चर्चा करते हुए, कार्यक्रम को सफलतम रूप देने में अपना योगदान दिया । सिवनी के कृषि छात्र सुनील सनोडिया, शुभम सनोडिया, पंकज नागले विभिन्न बैकों में मैनेजर जैसे समतुल्य पदों में पदस्थ अधिकारियों ने मीणों की सेवा करने एवं सहयोग करने का पण संपूर्ण कार्यक्रम में सभी कृषि छात्रों में कृष्ण बिहारी नागले, नरेश उइके , राहुल डेकाटे, अरूण रजक एवं कृष्णा सनोडिया इत्यादि छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा । संपूर्ण कार्यक्रम का आभार पंचम सनोडिया असिस्टेन्ट रजिस्ट्रार द्वारा एवं कार्यक्रम का संचालन डॉ. अखिलेश कुल्हाडे द्वारा किया गया ।

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