रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के निर्माण कार्य आये दिन चर्चा का विषय बने रहते है और उनकी गुणवत्ता का तो भगवान ही मालिक है।
नगर पालिका मंडला का एकमात्र खेल मैदान जिसे महात्मा गांधी स्टेडियम के नाम से जाना जाता है नगर पालिका की अपेक्षा के चलते यह स्टेडियम खेल का मैदान कम और मयशाला और जुआरियों का अड्डा बन गया है मंडला जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है हाल ही में मिली सिंह ने मंडला जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया वही ऐसे बहुत से खिलाड़ी जिन्होंने इसी स्टेडियम में प्रैक्टिस कर मंडला जिले का नाम रोशन किया है क्षेत्रफल के हिसाब से या स्टेडियम राष्ट्रीय स्तर का है नगर नगर पालिका की उपेक्षा के चलते या स्टेडियम नाम भर का खेल मैदान रह गया है स्टेडियम के दुर्दशा की बात की जा बे तू स्टेडियम के तीनों तरफ बनी पेव लियन की सीढ़ियों के नीचे तरफ दिन में जुआरी ताश पत्ती खेलते नजर आ जाएंगे वही इन सीढ़ियों के आसपास गाजर घास ने भी अपना कब्जा जमा लिया है जोकि स्किन के लिए खतरनाक है यही छोटे-छोटे बच्चे खेलते हैं वही स्टेडियम में पर्याप्त रोशनी ना होने के कारण रात में यह स्टेडियम ओपन बार बन जाता है जगह जगह झुंड में लोग मदिरापान करते नजर आ जाती है यह तो नगर पालिका द्वारा एक चौकीदार की व्यवस्था रात में की गई है मगर वह भी कभी-कभी नजर आता इसी का फायदा असामाजिक तत्व उठाते हैं सुबह स्टेडियम में शराब की खाली बोतल नजर आना आम बात है देखना यह है कि उच्च अधिकारियों की नजर कब स्टेडियम पर पड़ेगी कब खिलाड़ियों को सुकून मिलेगा या इसी तरह सुबह खिलाड़ी खाली बॉटल समेटने के बाद अपना अभ्यास करेंगे।


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