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Wednesday, August 3, 2022

सभी चिकित्सालयों में फायर ऑडिट के लिए समिति गठित...घटना के बाद जागे जिम्मेदार और प्रशासन...

 


रेवांचल टाईम्स - कलेक्टर हर्षिका सिंह ने मंडला जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सालयों में फायर ऑडिट एवं अन्य व्यवस्थाओं के परीक्षण के लिए समिति गठित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के तहत समिति में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन एवं संबंधित बीएमओ, संबंधित एसडीएम एवं तहसीलदार तथा संबंधित मुख्य नगरपालिका अधिकारी शामिल है। उन्होंने उक्त समिति को निर्देशित किया गया है कि 10 अगस्त 2022 तक जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय चिकित्सालयों का भ्रमण कर फायर सेफ्टी नाम्स का परीक्षण करेंगे एवं पूर्व में दिए गए अनुज्ञा की सभी शर्तों का पालन एवं नियमानुसार आवश्यक व्यवस्थाओं का परीक्षण कर फोटोग्राफ्स सहित प्रतिवेदन 10 अगस्त 2022 तक अपर कलेक्टर मंडला को प्रस्तुत करेंगे। 

         वही बड़ी घटना होने के बाद ही आख़िर क्यों जागते है जिम्मेदार और जिला प्रशासन क्या इन्हें जागने के लिए हमेशा ही बड़ी घटना दुर्घटना का इंतजार करना पड़ेगा। 

           और आदिवासी बाहूल्य मंडला जिले में स्वस्थ व्यवस्था पूर्ण रूप से चरमरा चुकी है इसी का फ़ायदा उठा कर जिले में आये दिन निजी अस्पताल बिना माप दंड पूरा किये संचालित है और तेजी खुल भी रहे है, मंडला जिले में सैकड़ों की संख्या में पैथोलॉजी लैबो का संचालन बिना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुमति के बैगर संचालित हो रही है और लाखों रूपये का व्यापार कर रही है। और यह सब जिला प्रशासन की नाक की नीचे हो रहा है अनेकों बार जिले की समाज सेवी संस्थाएं और मीडिया जगत से जुड़े लोग सम्बंधित विषयों की खबरों का प्रकाशन कर प्रशासन को अवगत कराया गया है किंतु आर्थिक लाभ अर्जित कर जिले के जबाब दार अधिकारी स्वास्थ्य जैसे प्रमुख मुद्दों पर ध्यान देना उचित नही समझते वही कारोना काल मे करोडों रुपये का व्यापार सिटी स्केन की जांच के नाम पर जनता से कमाया गया हैं आश्चर्य जब होता है कि स्वस्थ्य विभाग से जानकारी मांगने पर पता चला है कि जिले में किसी भी सिटी स्केन सेंटर की अनुमति प्रदाय की गई है न ही संचालकों ने विभाग से अनुमति लेना उचित समझा है हास्यास्पद तो हमे जब लगता है कि लगभग पचास वर्षो जिले में संचालित कटरा हास्पिटल में रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नही है जबकि धड़ल्ले से फ़ोटो कॉपी की तरह मरीज़ों के एक्सरे निकाले जा रहा है। आख़िर कितना लिखें एक जागरूक पत्रकार के क़लम की स्याही भी अब सूखने लगी है, प्रकाशित समाचार के माध्यम से जिला प्रशासन के मुखिया से जिले की जनता अपेक्षित है कि निश्चित ही अब बेगैर किसी हादसा का इंतज़ार किये जिले में संचालित अबैध पैथोलॉजी, अबैध सिटी स्केन सेंटर, अबैध रूप से संचालित हॉस्पिटल के विरुद्ध विधि संगत कार्यवाही होगी।

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