BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
अपनी जायज मांगो को लेकर पटवारीयो ने सांसद को सौपा ज्ञापन....जिओफेस गिरदावरी को लेकर किसान भी हो रहे परेशान.... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Monday, August 22, 2022

अपनी जायज मांगो को लेकर पटवारीयो ने सांसद को सौपा ज्ञापन....जिओफेस गिरदावरी को लेकर किसान भी हो रहे परेशान....


रेवांचल टाईम्स - मध्यप्रदेश शासन के द्वारा खरीफ सीजन की फसल की गिरदावरी जिओ फैंस तकनीक के माध्यम से कराने का निर्णय लिया गया है और 1 अगस्त 2022 से 15 अगस्त 22 तक की गिरदावरी किसानों को स्वयं अपने एंड्राइड मोबाइल से एमपी किसान ऐप के माध्यम से गिरदावरी दर्ज करानी थी और इसके बाद बहुत कम किसानों द्वारा एमपी किसान ऐप के माध्यम से अपनी गिरदावरी दर्ज करने के बाद 16 अगस्त 2022 से सेटेलाइट से दर्ज गिरदावरी का डाटा सत्यापन के लिए हल्का पटवारी के द्वारा सत्यापित किया जाना है! वहीं एक अगस्त से 15 अगस्त के बीच कुछ ही किसानों के द्वारा गिरदावरी दर्ज कराई जा सकी है वो भी सत्यापन हेतु पटवारी की आई डी मे भेज दी गई है llवहीं वर्तमान में अति वर्षा और बाढ़ जैसे हालात मध्य प्रदेश के अनेक जिलों में बने हुए हैं खेतों में जलभराव के कारण कठिनाइयां आ रही हैं जहां सेटेलाइट के माध्यम से धान और सोयाबीन की फसलों का डाटा उपलब्ध कराया गया है वहीं अधिकांश जिलों में मक्का की फसल मुख्य रूप से किसानों के द्वारा बोई गई है मौके की स्थिति में ग्रामीण क्षेत्रों में जहां किसानों के द्वारा गिरदावरी नहीं की जा सकी है तो वही मौजूदा हालातों में पटवारियों का खेत खेत जाकर गिरदावरी करना एक बडी चुनौती बनी हुई है! पटवारियों के लिए मौजूदा हालातों में गिरदावरी करना कई समस्याओं को जन्म दे रहा है जिनमें वर्षा के कारण खेतों में भरा पानी और जहरीले जीव जंतुओं की समस्या के साथ-साथ मोबाइल नेटवर्क की समस्या जैसी अनेक कठिनाइयां सामने आ रही हैं बरसाती दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में जहरीले विषैले जंतुओं से ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले किसान भी सुरक्षित नहीं है ऐसी स्थिति में हल्का पटवारियों का जिओफेंस तकनीकी के माध्यम से खरीब मौसम की फसलों की गिरदावरी जीओफैंस तकनीक के द्वारा करना एक बडी समस्या बनी हुई है!

प्रदेश के तमाम पटवारियों के लिए ग्रामीण इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या पटवारियों पर अन्य कामकाज का दबाव और मौजूदा संसाधनों के आभाव जैसी अनेकों समस्याएं पटवारियों को मानसिक परेशानी मे डाल रहीं है! प्रदेश के तमाम जिलों के पटवारियों ने अब जिओ फैंस तकनीकी की अनिवार्यता को समाप्त कर पूर्व की तरह ही गिरदावरी करने के आदेश या अनुमति की मांग को लेकर तहसील और जिला स्तर पर पटवारी प्रशासन को शासन के नाम ज्ञापन सौंप रहे हैं l वही सिवनी जिले के बरघाट तहसील के पटवारियों ने अपनी जायज मांगों को

लेकर सांसद ढालसिंह बिसेन जी  को शासन प्रशासन के नाम ज्ञापन सौपा हैl

जिसमें वेब जीआईएस सॉफ्टवेयर नामांतरण के समय आदेश अनुपालन में बेवा स्त्री के स्थान पर स्वर्गीय या पत्नी शब्द किए जाने,गिरदावरी के बाद पंजीयन की अंतिम तिथि तक फसल सुधार ऑप्शन एक्टिव रखने, जियो टैग की स्थिति समाप्त किए जाने और अवकाश के दिनों में अनावश्यक कार्य का बोझ और कार्य नहीं कराए जाने संबंधी अनेक मांगों को लेकर सिवनी जिले के पटवारियों ने सिवनी बालाघाट संसदीय क्षेत्र के क्षेत्रीय सांसद ढाल सिंह बिसेन जी से अपनी मांगों के निराकरण हेतु अनुरोध स्वरूप पत्र देकर ज्ञापन सौंपा है जिसमें विशेष रूप से बरघाट तहसील में पदस्थ पटवारी नरेंद्र साहू, ममता ब्रम्ह्मे सरोज मरावी हिमांशु तिवारी अंकित सोनी रोहिस मसीह अखिलेश वरकड़े के साथ अन्य पटवारियों ने मिलकर अपनी जायज मांगों के निराकरण के लिए पत्र सौंपकर अनुरोध किया है।

No comments:

Post a Comment