व्यवसायिक कोर्स का दिया प्रशिक्षण
दैनिक रेवांचल टाईम्स – कम्प्यूटर शब्द का अर्थ गणना करना होता है इसलिए इसे गणक या संगणक भी कहा जाता है जिसका अधिकार संग्रह करने के लिए हुआ वर्तमान में बैकों में शैक्षणिक संस्थाओं में कार्यालयों में, घरों में दुकानों में कम्प्यूटर का उपयोग बहुत अधिक किया जाता है। यह कमांड को फालो करता है, जो जानकारी कम्प्यूटर में डाली जाती है, कम्प्यूटर में सोचने समझने की क्षमता नहीं होती कम्प्यूटर को जो व्यक्ति चलाता है उसे युजर कहा जाता है, और जो व्यक्ति कम्प्यूटर के लिए प्रोग्राम बनाता है, उसे प्रोग्रामर कहा जाता है, कम्प्यूटर के ठीक से कार्य के लिए साफ्टवेयर और हार्डवेयर की आवश्यकता पड़ती है अगर सीधी भाषा में कहा जाये तो यह एक दूसरे के पूरक है। उक्त उद्गार नेताजी सुभाषचंद्र बोस बालक हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा बारहबी के विद्यार्थियों को व्यवसायिक कोर्स के अंतर्गत कम्प्यूटर कोर्स के संबंध में श्रीमति नीतू दुर्गे ने व्यक्त किये।
श्रीमति दुर्गे ने आगे कहा कि कम्प्यूटर में निम्न भाग होते है उनमें प्रोसेसर, मदर बोर्ड, मेमोरी हार्डडिस्क मार्डम, साउंड कार्ड, मानिटर की बोर्ड माऊस आदि शामिल है, इसे गणित के विशेषज्ञ ब्लैक पास्कल ने सन् 1642 में बनाया था इस मशीन को एडिग मशीन कहा जाता था इस कार्यक्रम में श्रीमति शिखा कार्तिकेय, प्रभुदयाल नाग, नंदकिशोर राहंगडाले, द्वारका प्रसाद शिववेदी, सुबेदार मेजर आदि उपस्थित थे इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासा का समाधान भी करवाया।

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