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Monday, August 1, 2022

जिला चिकित्सालय में चिकित्सा व्यवस्था हुई जर्जर जर्जर नही रही मानवता मरीज को किया जा रहा है अनदेखा..घायल की मीडिया ने की मदद...




रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहूल्य जिला मंडला में चिकित्सा व्यवस्था में किस कदर लापरवाही बरती जा रही है और पूरी व्यवस्था जर्जर हो चुकी है। जिम्मदारो ने कसम खा ली है कि हमें केवल नोकरी करनी है मानवता जाए..... में, जिला चिकित्सालय की चिकित्सा व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है, न मरीजो को देखने वाला है ना कोई मरीजो की सुनने वाला है ड्राक्टर तो ड्राक्टर नर्स बाडबाय तक किसी की नही सुन रहे है सब अपने में मस्त है।

          वही सुबह हुई दुर्घटना में घायल हुए युवक को लेकर जिला चिकित्सालय पहुँचे पर लोग मानवता भूल गए जिले के डॉक्टर, 5 घण्टे तड़फते रहा मरीज किसी ने नही दिया ध्यान घायल के परिजनों ने चिकित्सा प्रबंधन से लगातार गुहार लगाई की मदद कीजिये सड़क दुघर्टना में घायल युवक को प्राथमिक उपचार कीजिए कुछ तो कीजिए पर कोई सुनने वाला नही घायल अवस्था मे पड़ा रहा युवक अपने दर्द से कराह रहा है पर किसी ने भी न ही मदद की ओर न ही जिम्मेदार ने उनका कोई इलाज किया परिजनों ने आखिर हार थक कर मीडिया का सहारा लिया रेवांचल टाईम्स के संवाददाता से उन्होंने मदद मांगी पूरा मामला परिजनों बताया तत्काल उस घायल युवक ओर परिजनों की मदद के लिए मौके में प्रमोद धनगर जिला चिकित्सालय मण्डला पहुँच कर मामले को समझा और फिर डॉक्टर से कहा तब जाकर उनके प्राथमिक उपचार मिल सका,

        इस पूरे मामले में डॉक्टरों ने की फिर बड़ी लाफ़रवाही मामला सड़क एक्सीडेंट का सुबह 6 बजे युवक को दुग्ध वाहन ने पैदल जा रहे युवक को रौंद दिया जिसकी बजह से युवक राधा कृष्णन वार्ड निवासी  दिनेश साहू को गम्भीर चोटें आई पैर की हड्डी टूट कर बाहर निकल गई लोगो की मदद से घायल युवक को जिला चिकित्सालय लाया गया मगर घायल तड़फता रहा कोई डॉक्टर नर्स या वार्ड बॉय भी घायल की मदद नही किये 11,30 बजे घायल को बैंडेड पट्टी कर रिफर कर दिया गया आखिर नाइट ड्यूटी वाले डॉक्टर ने मरीज को क्यो अटेंड नही किया क्यो इमरजेंसी में सम्बंधित डॉक्टर उपस्थित नही हुए यह विचारणीय है। 

         वही घायल मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद बालाघाट रिफर किया गया लेकिन एम्बुलेंस भी उपलब्ध नही कराया गया निजी पिकअप मालवाहक में मरीज को बालाघाट भिजवाया गया आखिर किस कदर से जिला चिकित्सालय में लोगो का उपचार किया जा रहा आखिर कहा है जिम्मेदार इस जर्जर जर्जर व्यवस्था का कौन है जिम्मेदार ये कैसी सरकारी व्यवस्था मदद के लिये न बार्डबाय है और न ही नर्स और रही बात ड्राक्टरो की वो तो अपनी किलिनिक खोल बैठे है।

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