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सामुदायिक स्वा. केन्द्र में होंगी 45 प्रकार की जांचें

 



 

मण्डला 23 अगस्त 2022

            जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों को पैथालाजी जांचों के लिए दर-दर नहीं भटकना होगा। जांचों के लिए चिकित्सक उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, सिविल अस्पताल अथवा जिला अस्पताल में रेफर नहीं कर पाएंगे। मरीजों की जगह अब पैथालाजी जांच के लिए उनके जांच सैंपल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजे जाएंगे।

            मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ श्रीनाथ सिंह ने बताया कि पैथालाजी जांच सुविधाएं, सुनिश्चित करने के लिए शासन ने सरकारी अस्पतालों को हब एंड स्पोक मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। प्रदेश भर में 324 स्वास्थ्य संस्थाओं को हब तथा एक हजार 610 संस्थाओं को स्पोक के रूप में विकसित किया है। इस हेतु निजी कंपनी से अनुबंध किया गया है। इस तरह हब पर कुल 45 तरह की पैथालाजी जांच सुविधा मरीजों को मिलने लगेगी। जिसमें से 34 जांचें मशीनों से तथा 11 रैपिड टेस्ट किट से की जाएंगी। इसी तरह सिविल अस्पतालों में 52 तथा जिला अस्पताल स्तर पर 101 तरह की पैथालाजी जांच सुविधा का लाभ मरीजों को मिल कंपनी लगा रही मशीन कंपनी द्वारा हब यानि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व सिविल अस्पतालों में पैथालाजी जांचों के लिए आवश्यक मशीनों की स्थापना की जा रही है। जिसकी व्यवस्था इस प्रकार की होगी मरीजों को प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा सिविल अस्पताल स्तर पर हार्मोन व ह्दय रोग से संबंधित पैथालाजी जांचों की सुविधा मिल सकेगी। चिकित्सा अधिकारी द्वारा मरीजों का परीक्षण कर आवश्यकतानुसार जांचों की सलाह दी जाएगी। स्पोक पर पदस्थ लैब टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स द्वारा निर्धारित प्रोटोकाल के अनुसार सैंपल लिए जाएंगे। 11 तरह की जांचें रैपिड डायग्नोस्टिक किट द्वारा की जाएंगी। 34 तरह की जांचों के लिए सैंपल लिया जाएगा। सैंपल ट्रांसपोर्टेशन पर्सन (एसटीपी) द्वारा उक्त सैंपल जांच के लिए हब पर पहुंचाया जाएगा।

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