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Wednesday, August 31, 2022

पोषण माह का आयोजन 1 से 30 सितंबर तक "सशक्त/सबल नारी, साक्षर बच्चा-स्वस्थ भारत"


दैनिक रेवांचल टाईम्स – महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त निर्देशानुसार 5वें राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन 1 से 30 सितम्बर 2022  तक होगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अभिजीत पचौरी ने बताया कि कलेक्टर डॉ राहुल हरिदास फटिंग के नेतृत्व में पोषण माह अंतर्गत जिला स्तर, परियोजना स्तर एवं पंचायत स्तर(आंगनवाड़ी) में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जावेगा।


      इस वर्ष पोषण माह की टैग लाइन है.. "सशक्त/सबल नारी, साक्षर बच्चा-स्वस्थ भारत"


इसके साथ ही साप्ताहिक गतिविधियों में महिला एवं स्वास्थ्य, बच्चा और शिक्षा-पोषण भी पढ़ाई भी, लिंग संवेदनशील, जल संरक्षण और प्रबंधन, तथा जनजातीय क्षेत्रो में महिलाओं और बच्चों के पारंपरिक भोजन पर विविध कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि पोषण माह का उद्देश्य पोषण के संदर्भ में पहले 1000 दिवस के दौरान स्वास्थ्य और पोषण आवश्यकता के प्रति जागरूकता लाना, गर्भावस्था में स्वास्थ्य जांच और पोषण देखभाल, शीघ्र स्तनपान, जन्म से 6 माह तक केवल स्तनपान, समय पर ऊपरी आहार, अनीमिया(खून की कमी) मुक्त समाज हेतु आयरन सेवन और खाद्य विविधता के प्रति जागरूकता, 5 वर्ष तक के बच्चों की शारीरिक वृद्धि निगरानी, किशोरी स्वास्थ्य, सही उम्र में विवाह, सफाई और पोषण जागरूकता के साथ ही पोषण हेतु पोषण पंचायतों को सक्रिय करते हुए पोषण विषय को जन आंदोलन का स्वरूप देना है। इसके साथ ही पोषण माह दौरान स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायतीराज विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, आयुष और उद्यानिकी विभागों के समंवय से पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल, शौचालय उपयोग जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा साथ ही रैली, प्रभात फेरी, गृह भेट, पोषण चर्चा, हीमोग्लोबिन और स्वास्थ्य शिविर, पोषण समुदाय चर्चा जैसी अन्य गतिविधियों का आयोजन माहभर किया जावेगा।


      श्री पचौरी ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संबर्धन कार्यक्रम (कुपोषण मुक्ति अभियान) अंतर्गत जिले में कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केन्द्रों(एनआरसी) में भर्ती करा कर बच्चों को सामान्य पोषण स्तर में ला कर कुपोषण से मुक्त किया जाता है। उन्होंने बताया कि कुपोषण से मुक्ति हेतु प्रत्येक माह स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आंगनवाड़ी केंद्रों में शिविरों का आयोजन किया जाता है तथा दूध पाउडर, स्वच्छता किट का वितरण, न्यूट्रिशन(पोषण किट), निर्धारित दवाईयों का वितरण कर समय समय बच्चों का फॉलोअप कर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पचौरी ने समाज के सभी वर्गों के नागरिकों, ग्रामीण जनों से बच्चों में कुपोषण को समाप्त करने के अभियान में अपने अनुभवों, मार्गदर्शन और सहयोग कर सहभागिता करने की अपील की है।

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