रेवांचल टाईम्स:पिछले एक महीने से भारत में कोरोना के मामले उतरते चढ़ते नजर आ रहे हैं. हालांकि एक बार फिर से बढ़ते हुए आंकड़ों को देख कर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं. ओमिक्रोन और इसके सब वेरिएंट को बढ़ते मामलों के लिए प्रमुख कारक के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसे में केंद्र सरकार ने देश के राज्यों को महामारी से जुड़े प्रबंध को लेकर विशेष सावधानी बरतने के लिए निर्देश दिए हैं.
हाल ही में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों के टीकाकरण और बढ़ते आंकड़ों के जीनोम सीक्वेंसिंग पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सख्त निगरानी करने की सलाह दी है. वहीं शोधकर्ताओं ने कहा है कि वायरस के म्यूटेशन की वजह से जो लोग नए वेरिएंट से संक्रमित हो रहे हैं उनमें नए लक्षण देखे जा रहे हैं.
वैज्ञानिकों ने कहा है कि समय-समय पर कोरोना के व्यवहार में परिवर्तन देखा जा रहा है. जहां कोविड अपना रूप बदल रहा है वहीं मामूली खांसी, जुकाम और बुखार की समस्या कोविड के लक्षण नहीं है. ऐसे में कोविड के नए लक्षणों को समझना बेहद जरूरी है.
कोरोना के नए लक्षण
वैज्ञानिकों की टीम ने जोई कोविड स्टडी ऐप से डाटा प्राप्त कर यह जाना कि मौजूदा समय में ज्यादातर लोग सर दर्द की समस्या का सामना कर रहे हैं. यह लक्षण संक्रमित व्यक्ति को शुरुआत से ही महसूस होता है और 3 से 5 दिनों के बीच रहता है. अगर समस्या गंभीर हो जाए तो सर दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है. ऐसे में व्यक्ति को सतर्क रहने की जरूरत है. अगर दूसरे लक्षण की बात की जाए तो मासंपेशियों में दर्द का सामना भी लोग कर रहे हैं. जो लोग कोरोना 19 से संक्रमित हैं उनमें कंधों और पैरों में दर्द बना रहता है. साथ ही थकान और कमजोरी के लक्षण भी नजर आ रहे हैं.
बूस्टर डोज के बाद भी रहें सतर्क
बढ़ते हुए मामले को देखकर विशेषज्ञों ने कहा है कि वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी खुद को कोरोना से पूरी तरह से सुरक्षित समझने की गलती ना करें. रिपोर्ट के मुताबिक, बूस्टर शॉट के बाद भी कोरोना से लोग संक्रमित हो रहे हैं.
नोट – इस लेख में दी गई जानकारी यूनिसेफ की रिपोर्ट और सुझाव के आधार पर दी गई है.

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