रेवांचल टाईम्स - किरनापुर, तहसील मुख्यालय किरनापुर के अन्तर्गत शंकुल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक शाला हट्टा के अन्तर्गत आने वाली शासकीय माध्यमिक शाला सारद जिसकी दर्ज संख्या 60 है जिसमें स्कूल पहुच मार्ग किचड से व गदंगी का आलम सामने आया है जिसमें सारद से आने वाली छात्र एवं छात्राओ को रोजाना स्कूल आने के लिए किचड से चल कर आना पडता है विगत कई वर्षो से यह सारद के मुख्य मार्ग से लगभग 500 मीटर स्कूल है जिसमें ग्राम पंचायत सारद की सचिव व सरपंच द्वारा कभी ध्यान नही दीया गया जिससे की छात्र छात्राओ को ग्राम पंचायत सारद के लचर प्रणाली के चलते इसका दंश भोग रहे छात्र छात्राए एवं ग्रामिणजनो को भी इस समस्या का सामना करना पड रहा है।
स्कूल भवन की हालत जरजर
वही स्कूल भवन जो कि 2011 में निर्माण किया गया था, जिसकी हालत काफी खराब हो चुकी है जिसमें छत टपकनें से छात्र छात्राओ को बैठने व अध्ययन करने की समस्या बन रही है वही बहारी दिवार की फांउडेसन में भी दरारे व कक्ष के अन्दर भी दिवारो पर दरारे आ चुकी है इससे की छात्र छात्रा एवं शिक्षकों को भी डर बना रहता है कि कही दीवार न गीर जाए इस ओर प्रशासन द्वारा कभी ध्यान नही दीया गया न ही वर्तमान में भी ध्यान नही दीया जा रहा है। इससे साफ जाहीर होता है की स्कूलो की मानिटरींग अधिकारीयो द्वारा नही की जाती है या की जाती है तो सिर्फ औपचारीक तौर पर एवं कागजों में ही सिमट कर रह जाती है
जल जिवन मिशन योजना बना शो-पीश
वही सरकार द्वारा जल जिवन मिशन योजना के तहत स्वच्छ पानी घर-घर पहुचाने का वादा किया जा रहा है किन्तु वही शाला परिसर में छात्र छात्राए दिवार से लगे खुले नल सें मुह लगा कर पानी पि रहे है जिसमें विभाग द्वारा किसी प्रकार का नल नही लगाया गया है। वहीं खुले नल से पानी पिने के लिए मजबूर हो रहे विद्यार्थि अपूर्ण कार्य को पूर्ण कियंा जाए।
इनका कहना है-
प्रभारी प्रधान पाठक दिलीप बाहेश्वर, द्वारा बताया गया कि हमारा स्कूल पहुच मार्ग काफी खराब हो चुका है जिसमें हमने पंचायत में इसकी सुचना दे दि गई है एवं स्कूल भवन भी काफी जरजर है छत टपकता है एवं कई दिवारो पे दरारे भी आ चुकी है सभी समस्याओ से संबंधित सुचनाए संबंधित अधिकारीयों को दे दि गई है किन्तु किसी प्रकार से हमारी शाला भवन व रोड नल-जल एैसी समस्याओ का समाधान नही हो पा रहा है।

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