रेवांचल टाईम्स: शनिवार के दिन भगवान शनिदेव का पूजन किया जाता है और धर्म ग्रंथों में इन्हें न्याय का देवता कहा गया है. कहते हैं कि शनिदेव लोगों के कर्म के अनुसार फल देते हैं. अच्छे कर्म करने वाले व्यक्ति को जहां शुभ फल की प्राप्ति होती है, वहीं बुरे कर्म करने पर दंड भी मिलता है. शनि एक ऐसा देवता है कि जो कि बहुत ही धीमी गति में गोचर करते हैं और गोचर के बाद जिस राशि में प्रवेश करते हैं उस पर प्रभाव पड़ता है. यदि आप भी शनि की साढ़े साती या ढैय्या से परेशान है तो शनिवार के दिन कुछ उपाय करने से आपको लाभ मिलेगा.
शनि की साढ़े साती और ढैय्या व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक तौर पर काफी परेशान करती है. इसकी वजह से कई बार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है. लेकिन कुछ उपाय अपनाने से आप इसके प्रभावों को कम कर सकते हैं.
जरूर अपनाइए ये विशेष उपाय
- शनिदेव के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए शनिवार के दिन शनिदेव के मंदिर में जाएं और काले तिल डालकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं. फिर शनि चालीसा और शनि आरती का पाठ करें. इसके अलावा ‘ऊँ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करना भी काफी लाभदायक होता है.
- शनिवार के दिन दान करने से भी शनि की साढ़े साती या ढैय्या के प्रभाव को कम किया जा सकता है. इस दिन काले तिल, काला कपड़ा, कंबल, काली उड़द की दाल और लोहे के बर्तन दान करने चाहिए. लेकिन ध्यान रखें दान के लिए ये सामान एक दिन पहले ही खरीदें.
- शनिवार के दिन पीपल में जल अर्पित करने से शनिदेव के प्रकोप को कम करने में मदद मिलती है. पीपल में जल अर्पित करने के बाद 7 परिक्रमा लगाएं और शाम को पीपल की जड़ में सरसों के तेल का दीपक जलाएं
- शनिवार के दिन शनिदेव के साथ हनुमान जी का भी पूजन किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिदेव ने हनुमान जी को वरदान दिया था कि वो उनके भक्तों को कभी नहीं सताएंगे. इसलिए शनिवार के दिन विधि-विधान से हनुमान जी पूजा अवश्य करें.
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