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Tuesday, July 26, 2022

कृषि उपज मंडी के सब इंस्पेक्टर की तीसरी संतान होने का मुद्दा पहुँचा जबलपुर हाईकोर्ट...


रेवांचल टाईम्स डेस्क - सरकार के द्वारा दो से अधिक जीवित संतान को लेकर अधिनियम पारित किया गया है। 26 जनवरी 2001 के बाद सरकार के द्वारा नियम बनाया गया है कि जिन जिन लोक सेवकों की दो से अधिक जीवित सन्तान है उनके ऊपर कार्यवाही करने के आदेश जारी किया गये और उन लोक सेवकों को पद से पृथक करने और उन पर सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1961 का उल्लंघन पर कार्यवाही करने का नियम बनाया गया है। पर प्रदेश में ऐसे अनेक लोक सेवक है, जिनकी दो से अधिक जीवित सन्तान है। और विभाग को पता होने के बाद भी उन लोक सेवकों पर मेहरबानी करते हुऐ, इस कृत्य पर पर्दा डाल रहै है। वही सरकार के द्वारा ऐसे लोक सेवकों के ऊपर कार्यवाही करने के समय समय पर आदेश जारी किए गए पर जिम्मदारो के द्वारा सरकार के नियमों को ताक में रखना आदत में सुमार हो चुका है। 

        वही इसी प्रकार का मामला उच्च न्यायालय जबलपुर में आया है जहाँ पर शहडोल जिले की व्यौहारी कृषि उपज मंडी में पदस्थ सब इंस्पेक्टर की वर्ष 2013 में हुई तीसरी संतान का मुद्दा हाईकोर्ट पहुंचा है। दायर मामले में आरोप है कि म.प्र. सिविल सेवा आचरण अधिनियम 1961 का उल्लंघन करते हुए उक्त कर्मी पदस्थ है। जिसकी शिकायत करने पर भी विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत में कार्यवाही न होने पर आवेदक उक्त को लेकर माननीय न्यायालय की शरण ली जहाँ पर हाईकोर्ट में उक्त मामले में जल्द ही सुनवाई होने की संभावना है। यह याचिका रेवांचल टाईम्स के संपादक मुकेश श्रीवास की ओर से दायर की गई है, जिसमें कहा गया कि व्यौहारी कृषि उपज मंडी में सुधीर कुमार सब इंस्पेक्टर के पद पर पदस्थ है। मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1961 में यह स्पस्ट रूप से उल्लेख है कि जिसकी 2 से अधिक जीवित संतान और जिसमें से एक का जन्म 26 जनवरी 2001 के पश्चात हुआ है अर्थात 26 जनवरी 2001 के पश्चात कोई व्यक्ति किसी पद का पदाभिलाषी है तो उसकी उस समय जीवित 2 संतान से अधिक नहीं होना चाहिए, जबकि अनावेदक क्रमाक 7 की तीसरी संतान 9 मई 2013 की है। जिसकी शिकायत याचिकाकर्ता के द्वारा आवेदन पत्र के माध्यम से विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को दी गई। इसके बावजूद किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई। जबकि हाईकोर्ट ग्वालियर खंडपीठ ने यह आदेश भी पारित किया है की 2001 के बाद यदि 3 संतान है तो नौकरी करने का अधिकार नहीं है। मामले में प्रमुख सचिव किसान कल्याण ग्रामीण विकास विभाग, डायरेक्टर मप्र कृषि मार्केटिंग बोर्ड, ज्वाइंट डायरेक्टर मंडी बोर्ड, कलेक्टर शहडोल, कृषि उपज मंडी ब्यौहारी के सचिव व अनावेदक सब इंस्पेक्टर सुधीर कुमार शुक्ला को पक्षकार बनाया गया है। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल पैरवी करेंगे।



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