एक्साइड और ईएक्सएलडीई की लड़ाई अब ट्रेडमार्क मुख्यालय से निकलकर हाई कोर्ट तक जा पहुंची है। - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Tuesday, July 26, 2022

एक्साइड और ईएक्सएलडीई की लड़ाई अब ट्रेडमार्क मुख्यालय से निकलकर हाई कोर्ट तक जा पहुंची है।




रेवांचल टाईम्स –मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने संयुक्त रजिस्ट्रार ट्रेड मार्क, केंद्र सरकार के औद्योगिक नीति मंत्रालय, कोलकाता की एक्साइड बैटरी कम्पनी सहित अन्य से पूछा कि सिवनी की एक्सएलडीई बैटरी का ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन क्यों निरस्त किया गया। न्यायमूर्ति नन्दिता दुबे की एकलपीठ ने सभी को नोटिस जारी किए। मामले की अगली सुनवाई 29 अगस्त को निर्धारित की गई है।


अपीलकर्ता सिवनी निवासी दीपमाला नन्दन की ओर से अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि अपीलकर्ता ने सिवनी में प्राथमिक सेल, बैटरी बनाने का व्यवसाय आरम्भ किया।पांच अक्टूबर, 2016 को संयुक्त रजिस्ट्रार ट्रेडमार्क ने उनके आवेदन पर उन्हें एक्सएलडीई बैटरी का ट्रेडमार्क दिया। 25 अप्रैल, 2017 को कोलकाता की एक्साइड बैटरी कम्पनी ने इस ट्रेडमार्क पर अपनी आपत्ति प्रस्तुत की। आपत्ति में कहा गया कि व्यवसायिक फायदा उठाने के लिए अपीलकर्ता ने एक्साइड बैटरी से मिलता जुलता नाम रखा। इस पर संयुक्त रजिस्ट्रार ने अपीलकर्ता की कंपनी की ओर से ट्रेडमार्क के लिए दिया गया आवेदन निरस्त कर दिया। इसी आदेश को अपील में चुनौती दी गई।हाई कोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद कोलकाता की एक्साइड बैटरी कंपनी सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया।


एक्साइड बनाम ईएक्सएलडीई : पहली बार ट्रेडमार्क मामले में कोर्ट का दखल, केंद्र सरकार के मंत्रालय सहित विदेशी कंपनी को हाजिर होने का नोटिस 


एक्साइड और ईएक्सएलडीई की लड़ाई अब ट्रेडमार्क मुख्यालय से निकलकर हाईकोर्ट तक जा पहुंची है। पहली बार ऐसा हो रहा है जब ट्रेडमार्क मामले को लेकर कोर्ट ने भारत सरकार के मंत्रालय को तलब किया है। यही नहीं, इस मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने एक विदेशी कंपनी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही देश की जानी-मानी एक्साइड कंपनी को भी कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 


ईएक्सएलडीई द्वारा माननीय उच्च न्यायालय मे अपील दायर की गई जिसमें यह कहा गया है कि एक्साइड जो कि भारत में बिजनेस कर रहा है उसको नवीनीकरण  सर्टिफिकेट भारत सरकार रजिस्टर ट्रेडमार्क  द्वारा नहीं दिया गया है और जिस पर यह भी स्पष्टीकरण मांगा गया है कि क्लोराइड से. एक्साइड में कन्वर्ट कैसे हुआ है जिस पर. एक्साइड द्वारा उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है  माननीय उच्च न्यायालय द्वारा फॉरेन की कंपनी क्लोराइड इंग्लैंड को नोटिस जारी किया गया है


गौरतलब है कि याचिकाकर्ता के अधिवक्ता दिनेश त्रिपाठी ने अपनी याचिका में यह भी लिखा है कि एक्साइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड एवं द ( क्लोराइड ) इलेक्ट्रिकल स्टोरेज कंपनी यूनाइटेड किंगडम का ट्रेडमार्क आवेदन क्रमांक 694 के. नवीनीकरण  सर्टिफिकेट में लगने वाले दस्तावेजों को एक्साइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने भारत सरकार से छुपाया गया जिसके कारण ट्रेडमार्क आवेदन क्रमांक 694 का. नवीनीकरण  सर्टिफिकेट  एक्साइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को भारत सरकार के ट्रेडमार्क कार्यालय द्वारा आज दिनांक तक नहीं मिल पाया है ।

पहले तो मामला संसद में उठा, बाद में प्रधानमंत्री निवास के सामने आवेदनकर्ता ने धरना भी दिया। इसके बाद जब मामले ने तूल पकड़ा तो आनन-फानन में ट्रेडमार्क मुख्यालय में पदस्थ संयुक्त रजिस्टार ने ट्रिब्यूनल बेंच में सुनवाई करते हुए दीपमाला नंदन के ट्रेडमार्क को निरस्त कर दिया। संयुक्त रजिस्टार के इस आदेश को दीपमाला ने कोर्ट में चुनौति देते हुए अपील दायर की है, जिस पर सुनवाई होना है।

No comments:

Post a Comment