रेवांचल टाईम्स –कुछ ही समय में नगर पालिका चुनाव के परिणाम आने वाले हैं मगर पार्षद पद के किसी भी प्रत्याशी के चेहरे पर मुस्कुराहट नजर नहीं आ रही है 24 वार्ड में कोई भी ऐसा प्रत्याशी नजर नहीं आता जो अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हो।
ना ही 15 साल से नगर पालिका में राज करने वाली बीजेपी जिसने सिवनी शहर को कागजों में संभाग में नंबर वन बना डाला इस पार्टी के प्रत्याशी।
और नही विपक्ष के प्रत्याशी जो 15 साल में नगर पालिका मैं हो रही लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कभी आवाज नहीं उठाने वाले और कहीं ना कहीं मूक समर्थन देने वाले कांग्रेसी प्रत्याशी।
चाहे इन सब में बराबर शरीक रहे अब के बागी हुए निर्दलीय प्रत्याशी
सभी के मुंह लटके हुए ही नजर आ रहे हैं सब ईवीएम खुलने का इंतजार कर रहे है। इस बार के चुनाव ना ही राजनेताओं के ना प्रत्याशियों के ना समीक्षकों के ना पत्रकारों के ना जनता के समझ में आ रहे हैं कोई कहता है बीजेपी के ज्यादा प्रत्याशी जीतेंगे कोई कहता है कि कांग्रेस के ज्यादा पढ़ते हैं और अध्यक्ष उन्हीं का बनेगा पार्टी के लोग भी दबी जुबान में कुछ अच्छी स्थिति ना होने की बात करते हैं अब ईवीएम के खुलने के बाद ही पता चल पाएगा जनता ने किसे चुना।
मगर कहीं ना कहीं इस चुनाव में बीजेपी की साख दांव पर लगी हुई नजर आती है 15 साल का शासन प्रदेश में सरकार विधायक बीजेपी का केंद्र में सरकार और फिर भी यदि लोग विकास कार्य ना होने के नाम पर वोट नहीं दिए हैं तो यह कहीं ना कहीं विचारणीय है अगर बीजेपी असफल होती है और कांग्रेस सफल होती है तो भी यह जीत उनकी स्वयं की नहीं बीजेपी की हार की ही होगी।
लगता है यह सोच सोच के ही पार्षद प्रत्याशियों के मुंह लटके हुए हैं।

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