भ्रष्टाचार का दलदल बना वन विभाग... व्यापारी सहित ग्रामीण लोक परेशान... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Wednesday, July 20, 2022

भ्रष्टाचार का दलदल बना वन विभाग... व्यापारी सहित ग्रामीण लोक परेशान...




रेवांचल टाईम्स - बालाघाट जिले में स्थित वन विभाग के कार्यालयों में भ्रष्टाचार लगातार पांव पसारता जा रहा है। एक ओर जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस की बात करते नहीं थकते, इसके विपरीत उन्हीं की सरकार के भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी उनकी मंशा को पलीता लगाने का काम कर रहे हैं। बालाघाट वन वृत्त के अंतर्गत स्थित चारों वनमंडलों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जहां परीक्षेत्र अधिकारी से लेकर उप वन मंडल अधिकारी, वन मंडल अधिकारी और उच्चाधिकारियों तक सभी लिप्त होते जा रहे हैं। चाहे विभागीय कार्यों की बात हो या सामग्री क्रय करने की बात हो सभी कार्य कमीशन खोरी की भेंट चढ़ते जा रहे हैं। जब तक कमीशन तय ना हो तब तक भुगतान प्रमाणिक रोकना फैशन सा बनता जा रहा है, इस कमीशन खोरी की वजह से मजदूर हो या व्यापारी सभी परेशान है जिसका सीधा असर विभागीय कार्यो की प्रगति पर पड़ रहा है।

प्रमाणिक अटकना बना फैशन

विभाग के कुछ भ्रष्ट किस्म के अधिकारियों द्वारा कमीशन की चाह में भुगतान प्रमाण अटका कर रखना फैशन सा बनता जा रहा है। जब तक संबंधित कर्मचारी अथवा व्यापारी आकर इन भ्रष्ट अधिकारियों से कमीशन की देनदारी तय नहीं करता तब तक इनके द्वारा प्रमाण अटकाकर रखे जाते हैं, जिससे फिल्ड में काम कराने वाले कर्मचारी दबाव में आकर इनके पास आकर संबंधित प्रमाण के भुगतान के बदले कमीशन तय करने में मजबूर हो जाते हैं और इनका कमीशन देने के लिए विभागीय कार्यों में कटौती कर काम को प्रभावित करते है।

इन कर्मचारियों एवं व्यापारियों के नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कोई भी कार्य के भुगतान यदि प्राप्त करना है तो अधिकारियों एवं कार्यालय के बैठे लिपिकों को बिना चढ़ावा दिए काम नहीं होता।

वही इस संबंध में जब बालाघाट मुख्य वन संरक्षक से दूरभाष पर चर्चा करनी चाही तो उनके द्वारा फोन नहीं रिसीव किया गया।

No comments:

Post a Comment