महान चित्रकार पद्मविभूषण सैयद हैदर रज़ा की पुण्यतिथि आज, चादर पेश कर दी जायेगी पुष्पांजलि... - revanchal times new

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Friday, July 22, 2022

महान चित्रकार पद्मविभूषण सैयद हैदर रज़ा की पुण्यतिथि आज, चादर पेश कर दी जायेगी पुष्पांजलि...





रेवांचल टाईम्स - मंडला शनिवार को मंडला की माटी में आराम फरमा रहे मशहूर चित्रकार मरहूम सैयद हैदर रज़ा की 6वीं पुण्यतिथि पर उनके चाहने वाले श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। सुबह 10 बजे रज़ा फाउंडेशन द्वारा आयोजित रज़ा स्मृति के तहत विभिन्न कलाकार व उनके सभी चाहने वाले स्थानीय बिंझिया स्थित कब्रिस्तान पहुंचकर कर महान कलाकार को अपनी श्रद्धांजलि देंगे। उल्लेखनीय है कि सैयद हैदर रज़ा का लगभग 95 वर्ष की आयु में 23 जुलाई 2016 को दिल्ली में निधन हुआ था। उनकी इच्छा के मुताबिक उनके पार्थिव शरीर को मंडला लाकर उनके वालिद की कब्र के बगल में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द ए खाक किया गया। वर्ष 2010 में पेरिस, फ्रांस से लौटकर दिल्ली शिफ्ट हो गए थे। पेरिस से लौटने के बाद उन्होंने अपने 14 सोलो शो किए। इनमे 2 शो लंदन और बाकी शो कोलकाता, दिल्ली और मुंबई में हुई। वर्ष 2015 में उन्हें फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया गया। भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 1981 में पद्मश्री, वर्ष 2007 में पद्म भूषण और वर्ष 2013 में पद्म विभूषण सम्मान प्रदान किया। शिव नादर विश्वविद्यालय नोएडा और खेरागढ़ विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें मानद डिलीट की भी उपाधि प्रदान की गई थी।


सरदार पटेल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन खैरी में भी हुई सितार व संतूर की जुगलबंदी -

रज़ा साहब के मंडला में आराम फरमाने के बाद से रज़ा फॉउंडशन लगातार मंडला चित्रकला, साहित्य, सांस्कृतिक, शिल्पकारी के साथ - साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत व नृत्य के कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उनके जन्म दिवस के अवसर पर रज़ा उत्सव और पुण्यतिथि पर रज़ा स्मृति का आयोजन कर रहा है। इस वर्ष भी 19 जुलाई से 23 जुलाई तक रज़ा स्मृति का आयोजम किया जा रहा है जिसमे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। रज़ा स्मृति के चौथे दिन शुक्रवार को प्रकृति वाहने और संस्कृति वाहने की शानदार सितार व संतूर की जुगलबंदी देखने को मिली। प्रकृति वाहने सितार और संस्कृति वाहने संतूर वादन किया। दोपहर में सरदार पटेल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन खैरी में वाहने बहिनों ने अपनी प्रस्तुति दी। उनकी बेमिसाल प्रस्तुति को देख छात्र और स्टाफ मंत्रमुग्ध हो गए। दोनों बहनों ने एक से बढ़कर एक तान छेड़ खूब तालियां बटोरी। मशहूर सितार वादक और प्रकृति व संस्कृति के पिता डॉ. लोकेश वहाने ने भारतीय शास्त्रीय वाद्य यंत्रों व संगीत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सरदार पटेल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन खैरी के प्रशासनिक अधिकारी आशीष ज्योतिषी ने आभार प्रदर्शन करते हुए इस यादगार आयोजन के लिए कलाकारों और रज़ा फाउंडेशन का आभार जताया। उन्होंने है कि यह कार्यक्रम अविस्मरणीय रहा। मैंने इसकी कल्पना भी नहीं की थी। मैं सभी कलाकारों का ह्रदय से आभार ज्ञापित करता हूँ और उम्मीद करता हूँ कि ये पूरे विश्व में ख्याति अर्जित कर भारतवर्ष का नाम रौशन करेंगे। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब उनकी संस्था सरदार पटेल ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन खैरी, रज़ा फाउंडेशन के साथ मिलकर भारतीय शास्त्रीय संगीत के विस्तार का काम करेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को अपनी संस्था का स्मृति चिंह भेंट किया गया। शाम को रज़ा कला वीथिका में आयोजित सांस्कृतिक संधया में दोनों बहनों ने अपनी अद्भुत जुगलबंदी से शमा बांध दिया। श्रोता इनकी बेमिसाल प्रतिभा को देख इनकी कला के कायल हो गए। इसके पूर्व लखनऊ की सुशीला पूरी और प्रयागराज के बसंत त्रिपाठी ने काव्य पाठ किया। दोनों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।


रज़ा फाउंडेशन के सदस्य सचिव संजीव चौबे ने बताया कि शनिवार को रज़ा साहब की 6वीं पुन्यतिथि पर बिंझिया स्थित कब्रिस्तान में सुबह 10 बजे पुष्पांजलि दी जाएगी। सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक रज़ा कला वीथिका में चित्रकला कार्यशाला, माटी पर रंग और छाते पर रंग का आयोजन चलेगा। रज़ा स्मृति की सांस्कृतिक संध्या में शनिवार की शाम 7 बजे बाबुषा कोहली, पूनम अरोडा, जोशना बैनर्जी, आडवानी,पूनम वासम, नताशा, अमिताभ चौधरी, अनुज लुगुन, वीरू सोनकर, विवेक चतुर्वेदी का काव्य पाठ से रज़ा स्मृति 2022 का समापन होगा। उन्होंने समस्त समस्त कला प्रेमियों से रज़ा स्मृति के सभी कार्यक्रमों में उपस्थित होने की अपील की है। रज़ा फाउंडेशन द्वारा आयोजिय रज़ा स्मृति 2022 में जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद् , मण्डला, माँ रेवा सेवा महाआरती समिति और इनर वोइस सोसाइटी सहयोग कर रही है।

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