इस विभागीय परीक्षा का परिणाम 30 जून को घोषित किया गया था जिसके चलते करीबन अधिकारी फेल हुए लेकिन पहली या दूसरी बार फेल होने वाले अधिकारियों को एक बार फिर से मौका दिया जाता है। अगर वह इसमें भी फेल होता है तो उनकी पदोन्नति रुक जाती है। फिर उनको कोई भी मौका नहीं दिया जाता इतना ही नहीं बल्कि अगले ग्रेड के वित्तीय लाभ भी नहीं मिल पाते। इसके अलावा मजिस्ट्रेट की शक्तियां भी नागरिक, आपराधिक, राजस्व कानून की परीक्षा पास करने पर ही मिल पाती है।
सहायक आयुक्त हितेश कुमार मीणा ग्रुप ए-टू के नागरिक कानून के पेपर में फेल हुए हैं। बलप्रीत सिंह ने आपराधिक, नागरिक, राजस्व कानून और लोकल फंड का पेपर तो पास कर लिया लेकिन वित्तीय नियमों का पेपर पास करने में विफल रहे। अतिरिक्त सहायक आयुक्त संदीप कुमार राजस्व कानून के पेपर में फेल हुए हैं। उन्होंने क्रिमिनल लॉ और नागरिक कानून का पेपर पास किया है।

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