प्रधानमंत्री आवास योजना में किया जा रहा है बड़ा घोटाला आवास बनना शुरू ही नही हुआ और निकल गई किस्तें..मंडला जिले के बिछिया जनपद का मामला... - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

रेवांचल टाइम्स अखबार पाठकों से अनुरोध करता है कि आप अपने सुझाव हम तक जरूर भेजें.. ताकि आने वाले समय मे हम आपकी मदद से और भी बेहतर कार्य कर सकें... साथ ही यदि आपको लेख अच्छा लगे तो इसे ओरों तक भी पहुंचाए.. प्रकाशन हेतु ख़बरें, विज्ञप्ति मोबाइल- 9406771592 पर व्हाट्सएप्प करें

Tuesday, June 7, 2022

प्रधानमंत्री आवास योजना में किया जा रहा है बड़ा घोटाला आवास बनना शुरू ही नही हुआ और निकल गई किस्तें..मंडला जिले के बिछिया जनपद का मामला...

प्रधानमंत्री आवास योजना में किया जा रहा है बड़ा घोटाला आवास बनना शुरू ही नही हुआ और निकल गई किस्तें..मंडला जिले के बिछिया जनपद का मामला...


रेवांचल टाईम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला में सरकार की ऐसी कोई योजनाएं नही है जिसमे की भ्रस्ट अधिकारियों ने भ्रष्टाचार न किया हो, रोज रोज नए नए भ्रष्टाचार की पोल अखबारों में खबरों के माध्यम से जिला प्रशासन तक पहुँचा जाता रहा है पर जिला प्रशासन में बैठे जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी कही नही इन भ्रस्ट और भ्रष्टाचार करने वाले कर्मचारियों को बचाते नजर आ रहे इसके पीछे का रहस्य तो कोई से छुपा नही है !

                वही एक ओर जहा सरकार द्वारा गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पैसा देकर गरीबों के लिए छत का इंतजाम किया जा रहा है वही सरकार के कुछ कर्मचारी नियम कानून को दरकिनार कर सरकारी योजनाओं को पतीला लगा रहे हैं, ऐसा ही एक मामला मंडला जिले की बिछिया जनपद के अंतर्गत आने वाली  ग्राम पंचायत- कारिया गांव का है जहां पर पदस्थ सचिव, रोजगार सहायक सरपंच उपसरपंच और उपयंत्री के साथ मिल कर हितग्राही के द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ का दुर्पयोग किया जा रहा है, 

आखिर कौन है जिम्मेदार किसकी है जिम्मेदारी जो कि आवास का काम बिना चालू हुए ही दूसरी क़िस्त जारी कर दी और पता नही किन किन का आवास हवा में बना दिया गया होगा ये जाँच का विषय है 

       हितग्राही नंदलाल पटेल पिता द्वारका पटेल के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान की स्वकृति मिली हुई है जिसमें हितग्राही द्वारा मकान निर्माण कार्य किया जाना चाहिए था परंतु हितग्राही का पहले से ही पक्का मकान बना हुआ है जिस कारण से हितग्राही के द्वारा मकान निर्माण कार्य न करके सचिव और रोजगार सहायक के साथ सांठगाठ कर  हितग्राही के खाते पर 2 किस्तों की राशि (25000+45000) कुल मिला कर (70000) सत्तर हजार रुपए डाल दी गई हे और हितग्राही द्वारा मकान का निर्माण कार्य किए बिना ही दो किस्तों की राशि निकाल कर गबन कर दिया गया है।

      अब सवाल यह उठता है कि जब हितग्राही द्वारा मकान का निर्माण कार्य किया ही नही गया है तो फिर उपयंत्री के द्वारा कहाँ पर ले आउट डाला गया और कब कब निरीक्षण किया गया वही रोजगार सहायक के द्वारा आखिर किसका जियोटेग कर हितग्राही की फोटो कहा की ओर कैसे लगा दी गई हे और बिना काम चालू हुए ही 2 किस्तों की राशि निकाल कर सरकारी पैसों का कहां पर दुरुपयोग किया जा रहा हे जो की जांच का विषय बनता है, सूत्रों से मिली जानकारीनुसार यह है भी हैं कि हितग्राही नंदलाल पटेल का पुत्र उमेश पटेल ग्राम करियागाव में ही सेल्समेन के पद पर पदस्थ है जिसके पास पक्का मकान और चार पहिया वाहन भी है। वही जब इस विषय की जानकारी करियागांव रोजगार सहायक संजीत पटेल से मांगी गई तो वो कुछ भी जानकारी देने से बचते हुए नजर आए और अपना मोबाइल फोन बंद कर बात करना भी उचित नहीं समझा।।

                       वही जब इस मामले की जानकारी ग्राम कर रोजगार सहायक एव उपयंत्री संगीता मरावी से लेनी चाही तो उनके मोबाईल पर लगातार संपर्क किया घण्टी जाती रही पर उन्हों ने कॉल को उठाना मुनासिब नही समझा इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से भ्रस्ट और भ्रष्टाचार करने वाले लोगो पर जिला प्रशासन का कोई डर नजर नही आ रहा है क्योंकि शिकायत होती भ्रष्टाचार की खबरें अखबारों में आती जिम्मेदार लोग पढ़ कर शांत हो जाते है कोई कार्यवाही न होना किस तरह सर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना है कही न कही रोजगार सहायक से लेकर जनपद स्तर तक के सभी की सहमति होती है सब को अपना अपना जेब खर्च मिल जाता है।


                

No comments:

Post a Comment