दैनिक रेवांचल टाईम्स - इन दिनों प्रदेश में पंचायतों का चुनावी घमासान जारी है । वहीं दूसरी और सरकार भ्रष्ट और भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए अथक प्रयास में लगी हुई है ।वही भ्रष्टाचार हावी होती नजर आ रहा है। जिले में ऐसे कई भ्रष्ट सरपंच एवं जनप्रतिनिधि हैं जिसके द्वारा निरंतर भ्रष्टाचार चारी है फिर भी चुनाव में उम्मीदवार बनकर चुनाव का हिस्सा बने हुए हैं। भ्रष्टाचार को लेकर इसी तर्ज में मामला सामने आया है पूरा मामला जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खैरा पलारी के सरपंच रणजीत ठाकुर जो निरंतर भ्रष्टाचार को लेकर अखबारों एवं प्रशासन की सुर्खियों में विशेष रूप से बने हुए हैं। निरंतर इनके ऊपर लगातार लगते रहे हैं भ्रष्टाचार के आरोप अपने पद का दुरुपयोग करते हुए लगातार लगते रहे हैं भ्रष्टाचार और गमन के आरोप शासकीय खजाने में डाला डाका शासकीय भवन का कर रहे दुरुपयोग लाखो के हिसाब से निकाली शासकीय राशि और भरी अपनी ओर अपने चाहे तो की जेब ऐसे विभिन्न तरह के आरोप निरंतर लग रहे हैं । वही जन चर्चा ऐभी है कि भ्रष्ट सरपंच रणजीत ठाकुर के राजनीतिक दलो से भी विषेश ताल्लुक रखते हैं जिसके चलते राजनेतिक दवाव के चलते इनके ऊपर निष्पक्ष कार्यवाही ना होना आज तक का एक रहस्य या पहलू बना हुआ है । जिसके चलते प्रशासन एवं सम्बंधित अधिकारी अमला इनके आगे घुटने टेकते नजर आ रहा है । जिसके चलते भ्रष्ट सरपंच के होसले बुलंद हैं। प्रशासन का हुस्त रवैया भृष्टाचार को दे रहा है बढ़ावा। फिर भी भ्रष्ट सरपंच ने राजनीतिक दबाव के चलते चुनावी दांव फेंकते हुए एक बार पुनः जनप्रतिनिधि बनने के लिए सरपंच पद के लिए अपनी धर्मपत्नी को चुनाव में उतरा है।एंव खुद स्वमं भ्रष्ट सरपंच रणजीत ठाकुर केवलारी जनपद पंचायत में जनपद सदस्य के लिए चुनाव में उतरे हैं। खैरा पलारी सरपंच रणजीत ठाकुर जिनके ऊपर निरंतर भ्रष्टाचार और गमन के लग रहे हैं आरोप ऐसे में क्या भ्रष्ट सरपंच जमा पाएगा अपना सत्ता..?
अब सवाल यह उठता है कि...
ऐसे भ्रष्ट प्रतिनिधि को जिला प्रशासन ने चुनाव में खड़े होने के लिए कैसे दे दी मंजूरी....?
वहीं जन चर्चा है कि जिसके ऊपर निरंतर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे है। फिर भी आखिर क्यों प्रशासन के द्वारा कार्यवाहीं नही कि जा रही है।
अखिल बन्देवार के साथ रेवांचल टाईम्स की एक रिपोर्ट...

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