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Tuesday, June 28, 2022

भ्रष्ट उपवनक्षेत्रपाल राजेंद्र पस्तोर पर मेहरबान वन मंडल अधिकारी, अनुराग कुमार...






रेवांचल टाईम्स - तानाशाही के चलते शासकीय नियम और माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेशों को ताक पर रखकर चरम अवस्था पर है जिसके लिए मुख्य वन संरक्षक से लेकर शासन एवं प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी जो भोपाल में विराजमान हैं विदित हो कि छतरपुर वनमंडल अंतर्गत विगत  मार्च 2022 (3-4माह) से चल रहे घटनाक्रम के अंतर्गत वन मंडल अधिकारी छतरपुर अनुराग कुमार की तानाशाही शासकीय नियम और माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेशों को ताक पर रखकर चरम अवस्था पर है जिसके लिए मुख्य वन संरक्षक से लेकर शासन एवं प्रशासन के सभी वरिष्ठ अधिकारी जो भोपाल में विराजमान हैं मूक बधिर बनकर बैठे हुए हैं वन मंडल अधिकारी छतरपुर के द्वारा अपने पद के रोब के बल पर सभी अधिकारियों को गलत जानकारी देते हुए पहले दो वन क्षेत्रपाल को नियमों को ताक पर रखकर मुख्य वन संरक्षक छतरपुर से आदेश जारी करवाकर उपवन क्षेत्रपालों के अधीन रखा गया जबकि वन क्षेत्रपालों की पदस्थिति का आदेश मध्यप्रदेश शासन वन विभाग मंत्रालय भोपाल से महामहिम राज्यपाल के आदेश अनुसार हुआ था लेकिन उस आदेश के विपरीत कार्य करते हुए वनक्षेत्रपालों को जबरदस्ती और निरंकुशता पूर्वक उपबन क्षेत्रपालों के अधीन रखा गया जिसके चलते संबंधित  रेंजरो के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की शरण में जाकर मुख्य वनसंरक्षक छतरपुर के द्वारा वन मंडल अधिकारी छतरपुर के इशारे पर किए गए आदेश के विरुद्ध स्थगन प्राप्त किया गया उसके बावजूद माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर का स्थगन आदेश ना तो वन मंडल अधिकारी छतरपुर के द्वारा और ना ही वन विभाग के किसी अधिकारी के द्वारा मानने की पहल की गई तब जाकर रेंजरो के द्वारा अपने रेंजर एसोसिएशन की मदद ली गई जिसके पश्चात रेंजर एसोसिएशन ने भोपाल के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर बिंदुवार ज्ञापन देकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया तब जाकर वन मंडल अधिकारी छतरपुर को फटकार लगी और आनन-फानन में वन मंडल अधिकारी छतरपुर के द्वारा जिनको पूर्व में मुख्य वन संरक्षक छतरपुर ने भी संबंधित रेंजरो को प्रभार देने हेतु निर्देशित किया गया था लेकिन सीसीएफ छतरपुर के आदेश को भी वन मंडल अधिकारी छतरपुर अनुराग कुमार ने अमान्य कर दिया था



तत्पश्चात प्रकरण और पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को समझते हुए श्री धाकड़ साहब अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक प्रशासन ||  के द्वारा वन मंडल अधिकारी छतरपुर श्री अनुराग कुमार को कड़ी फटकार लगाते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी बक्सवाहा श्री सुरेश कुमार सचान और वन परिक्षेत्र अधिकारी बिजावर श्री अशोक कुमार तिवारी को तत्काल प्रभार देने हेतु आदेश जारी करने के निर्देश प्रसारित किए गए जिसके पश्चात अनुराग कुमार के द्वारा बक्सवाहा और बिजावर रेंज का प्रभार संबंधित रेंजर को उपवन क्षेत्रपाल से दिलाने हेतु लिखित में आदेश जारी किए |

सर्विस रूल्स के तहत यदि गंभीर परिस्थिति निर्मित हुई और आवश्यक हुआ तो तभी शासकीय सेवक का निलंबन किया जा सकता है परंतु निरंकुशता की हद को पार करते हुए 2-3 वनक्षेत्रपालों को बिना किसी ठोस कारण के मार्च 2022 के अंतिम सप्ताह में अनुराग कुमार वन मंडल अधिकारी छतरपुर और अन्य अधिकारियों  के इशारे पर मुख्य वन संरक्षक छतरपुर के द्वारा निलंबित कर दिया गया जिनके निलंबन के लिए 3 माह का समय व्यतीत होने के उपरांत आज दिनांक तक बहाल नहीं किया गया जबकि सर्विस रूल्स के मुताबिक 1 माह की अवधि के अंदर निलंबन से बहाल किया जाना चाहिए जिसके लिए संबंधित रेंजर के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में याचिका दायर की गई थी जिसमें बाजना रेंजर को अप्रैल माह के प्रथम सप्ताह में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर से स्थगन आदेश प्राप्त हुआ है परंतु आज की स्थिति में माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के स्थगन आदेश को ना तो वन मंडल अधिकारी छतरपुर मान्य कर रहे हैं और ना ही अन्य वरिष्ठ अधिकारी उस स्थगन आदेश को मानने को तैयार  है आज भी बाजना रेंजर एक उपवन क्षेत्रपाल श्री राजेंद्र सिंह पस्तोर जिनके विरुद्ध लोकायुक्त प्रकरण क्रमांक 0126/E/2021-22 के साथ-साथ वन अपराधिक प्रकरण क्रमांक 381/13 दिनांक 13 दिसंबर 2021 है ऐसे अपराधिक और भ्रष्ट उपवन  क्षेत्रपाल के अधीन स्वयं को असहाय महसूस करते हुए शासकीय कार्य कर रहे हैं जिनकी आनाकानी और उपेक्षा वन मंडल अधिकारी छतरपुर और उपवन क्षेत्रपाल राजेंद्र सिंह पस्तोर के द्वारा की जा रही है जिसके लिए मध्य प्रदेश रेंजर एसोसिएशन के द्वारा अपने ज्ञापन में संबंधित रेंजर को तत्काल माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेशों का पालन करते हुए प्रभार देने हेतु लेख किया गया है देखना यह है वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के स्थगन आदेश की अवहेलना की जाती है या उसका पालन तत्काल कराया जाता है इस पूरी स्थिति पर मध्य प्रदेश रेंजर एसोसिएशन नजर बनाए हुए हैं।

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