रेवांचल टाईम्स - किसान के द्वारा धान वापस मांगी तो व्यापारी धान वापस नही कर रहा ,कहते है कि किसान अन्नदाता है मगर एक दौर में किसान सिर्फ व्यपारियों की हाथ की काट पुतली बन कर रह गया है जिसमें सिर्फ किसानों का शोषड़ व्यपारी और अधिकारियों के द्वारा किया जा रहा है जिसमें अनेक बार किसानों की आवाज या उनकी फसलों के उचित दाम नही मिलने के कारण व्यापारी और अधिकारी दोंनो जिम्मेदार होते है जिसके चलते किसान आत्मा हत्या करने को तैयार हो जाता है और कुछ आत्मा हत्या कर लेते है किसान वर्तमान समय मे अधिक लगत लगा कर फसल पैदा कर रहा है और व्यापारी उन फसलों को कौड़ियों के दाम में खरीद कर करोड़ पति हो चुके है उन्हें किसी के दर्द से मतलब नही होता है वही इसी तरह का मामला नैनपुर नगर के ग्राम निवारी की शारदा राईस मिल के संचालक शर्मा के द्वारा ग्राम माखा टोला के किसान उमेश के साथ किया गरीब किसान की फसल तोल तो लिया मगर फसल का मूल्य जानकर आप भी हैरान हो जायोगे मात्र 5 रुपये किलो जिसमें किसान ने जब अपनी फसल नही बेचने की बात कही तो वह फसल भी वापस करने को तैयार नही है वही वर्तमान समय मे 5 रुपये में चाय भी नही आ रही है और व्यापरी फसल 5 प्रति किलो खरीद रहा है यह समझने वाली बात है कि किसान को फसल लगने में क्या सिर्फ 5 रुपये की लागत आई होगी जो किसान को 5 रुपये प्रति किलो उसकी फसल का मूल्य चुकाया जा रहा है वही दूसरी तरफ देखा और कहा जाये तो अधिकारियों का बड़े व्यपारियों को खुला संरक्षण होता है जिसके कारण आज किसानों का शोषड़ हो रहा है वही जिला प्रशासन इन बड़े व्यापारी पर भी कार्यवाही करने से कतराता है जिसके कारण आज किसानों का खुला शोषड़ हो रहा है।
शारदा राईस मिल संचालक की मनमानी के चलते खुले आम लूट रहें व्यापारी किसान को मिल संचालक ने 5 रुपये किलो ख़रीदा धान...
bydigital bharat
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