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Tuesday, May 31, 2022

धड़ल्ले से चल रहा अवैध मुरम का कारोबार,मनरेगा के नियमों की उड़ाई जा रही धज्जियाँ....




जनप्रतिनिधि भी मार रहे मौके पर चौका,प्रशासन सो रहा गहरी नींद....

रेवांचल टाईम्स - सिवनी जिले की केवलारी तहसील में जैसे इन दिनों शासन प्रशासन ने पूरी छूट अवैध मुरुम के कारोबारियों को दे रखी है जिसका फायदा उठाते हुए जनप्रतिनिधि भी इस कार्य में पूरी तरह से संलिप्तता दिखाते हुए मलाई मार रहे हैं और डम्फर से लेकर ट्रैक्टर ट्रालियों में जहां अवैध तरीके से मुरुम निकाली जा रही है जिस को बेंच कर अवैध कारोबार करने वाले चाँदी काट रहे हैं दूसरी तरफ तलाबों के नवनिर्माण और गहरीकरण में खुल कर दिन रात जेसीबी और 2 टेन जैसी मशीनों से खुदाई कर मनरेगा के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं दूसरी तरफ जिम्मदारों को मानों खबर ही न हो या फिर इन पर कार्यवाही न करना इस कारोबार को मौन सहमति देना ही साबित हो रहा।


नहीं मिलता रोजगार,पलायन को मजबूर स्थानीय मजदूर

एक तरफ सरकार के द्वारा स्थानीय स्तर पर होने वाले पलायन को रोकने विभिन्न योजनाओं के तहत मजदूरों को कार्य या रोजगार उपलब्ध कराने की बातें कही जाती हैं तो दूसरी तरफ इन योजनाओं के तहत मानव श्रम से कराए जाने वाले कार्यों को भी मशीनों की मदद से सम्पादित कर जहाँ मजदूरों का रोजगार छीना जाता है वहीं काम न मिलने से मजदूरों को पलायन के लिए मजबूर किया जाता है जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की ही है जिनके अधिकारी और कर्मचारी न कभी मीटिंग से फ्री होते न ही जमीनी स्तर पर होने वाले इन कार्यों का निरीक्षण की जहमत उठाते।

तालाबों में लगी मशीनें, कैसे मिले हाथ को काम

मनरेगा के तहत पलारी के चंदवाड़ा ग्रामपंचायत हो या फिर पिपरिया कला,चोर पिपरिया, या फिर अन्य पंचायत सभी जगहों पर बन रहे तालाबों में मजदूरों से कराए जाने वाली खुदाई को मशीनों की मदद से करवाई जा रही वहीं डम्फर और ट्रेक्टर ट्रॉलियों की मदद से अवैध तरीके से बेचा जा रहा,जबकि मियमों में मुताबिक मानव श्रम से निकाली गई मुरुम तालाब की मेढ़ या पार बनाने में ही उपयोग की जानी  चाहिए।

प्रशासन को उदासीनता बना ग्रामीणों की परेशानियों का सबब

एक तरफ दिन रात चौबीसों घण्टे चल रही अवैध तरीके की खुदाई से जहाँ लोग हलाकान हो रहे वहीं दूसरी तरफ अवैध मुरुम को लेकर बेलगाम भाग रहे बड़े बड़े वाहनों की धमाचौकड़ी भी जन चर्चा का विषय बना हुआ है लोग दबी जुबान में नीचे से ऊपर तक सैटिंग होने की बात कह इन पर कार्यवाहियों की कोई उम्मीद नहीं कर रहे जबकि मुरुम बेच कर प्रशासन को जहाँ लाखों का चूना लगाया जा रहा साथ ही बेहिसाब बेची जा रही मुरुम की कमाई को हो रही बन्दर बाँट भी चौक चौराहों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।


इनका कहना है---

                                            शरद ठाकुर रोजगार सहायक चन्दनवाड़ा खुर्द

--साढ़े 23 लाख का तालाब निर्माण कार्य चल रहा है,यहाँ से मटेरियल बाहर जा रहा मेरी जानकारी में नहीं है,इंजीनियर और एसडीओ ने निरीक्षण कर कहा है कि यहाँ से मुरुम बाहर ले जा सकते हैं दूसरे कार्य के लिए।

                                            राजेश ठाकुर सहायक सचिव झगरा पंचायत--

ग्रामीणों की सहमति से बाहर मुरुम ले जाई जा रही है,मेरी कोई परमिशन नहीं है,लोग मान नहीं रहे अभी किसी अधिकारी को नहीं दी है सूचना।

अखिल बन्देवार के साथ रेवांचल टाईम्स की एक रिपोर्ट

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