निजी एजेंसी ‘स्काईमेट’ भी ने इस साल भारत में ‘सामान्य’ मॉनसून की भविष्यवाणी की है. उसके अनुसार, सामान्य बारिश की 65% उम्मीद है. एजेंसी ने कहा कि यह भारत के कृषि क्षेत्र के लिए अच्छा संकेत है जिसने कोविड की चुनौती के बावजूद अच्छा परफॉर्म किया है.
जानिए IMD ने क्या कहा है…
मौसम विभाग ने मॉनसून का जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार देशभर में इस साल अच्छी बारिश होगी. उत्तर भारत में सामान्य से बेहतर बारिश का अनुमान लगाया गया है. पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में सामान्य से कम बारिश के आसार हैं. IMD के अनुसार, मॉनसून के साथ-साथ बारिश पर ला नीना का असर भी दिखेगा.
हर साल IMD दो चरणों में मॉनसून की बारिश पर पूर्वानुमान जारी करता है. पहली भविष्यवाणी अप्रैल में होती है और दूसरी जून में. पहली स्टेज में मौसम विभाग की ओर से पूरे देश में मॉनसून सीजन (जून-सितंबर) के दौरान होने वाली बारिश का पूर्वानुमान पेश किया जाता है.
ला नीना के असर से दिल्ली में जुलाई में मॉनसून सबसे अच्छा रहेगा। इस दौरान, जोरदार बारिश भी हो सकती हैं. अगस्त आते-आते ला नीना न्यूट्रल कंडिशन में पहुंच जाएगा, स्काईमेट के अनुसार, राजधानी में सामान्य तौर पर मॉनसून 26 से 27 जून तक पहुंचता है. इससे पहले राजधानी में प्री-मॉनसून की गतिविधियां होंगी. मॉनसून जुलाई में अपने पूरे जोर पर रहेगा. राजधानी में जुलाई में मॉनसून सामान्य या सामान्य से थोड़ा अधिक रहने की संभावना है.
‘जून में ही सबसे ज्यादा बारिश हो सकती है. किसानों के लिए यह अच्छी खबर मानी जा रही है, क्योंकि शुरुआती महीने में फसलों की बुवाई के लिहाज से अच्छी बारिश होगी.

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