रेवांचल टाइम्स - डॉन द्वारा आबादी सर्वे का
कार्य सिवनी जिले में भी प्रारंभ हो चुका है बुधवार के दिन छपारा तहसील के अंतर्गत चमारी सर्किल के ग्राम केवलारी से आबादी ड्रोन सर्वे का कार्य शुरू किया गया है सर्वे में केवल उन संपत्ति धारकों का अधिकार अभिलेख तैयार किया जाएगा जो मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 एवं संशोधित 2018 के लागू होने की दिनांक 25 सितम्बर 2018 को आबादी भूमि पर अधिभोगी थे अथवा उन्हें इस दिनांक के पश्चात विधि पूर्वक आबादी भूखंड में भूखंड का आवंटन किया जा सकेगा संबंधित आबादी क्षेत्र के समीप यदि दखल
रहित भूमि पर बसाहट है जो आबादी क्षेत्र में सम्मिलित नहीं है तो ऐसी स्थिति में संहिता की धारा 243 के संबंधों के अधीन कलेक्टर द्वारा दखल रहित भूमि को आबादी जी घोषित की जाने की कार्रवाई भी की जा सकती है
ग्राम वासियों को होंगे फायदे
आबादी सर्वे में ग्राम वासियों को होने वाले फायदे में ग्रामीण संपत्तियों का अधिकार अभिलेख तैयार होगा प्रत्येक संपत्ति धारक को उसकी संपत्ति का स्वामित्व प्रमाण पत्र मिल जाएगा संपत्तियों पर बैंक से ऋण लेना आसान हो जाएगा साथ ही संपत्तियों के पारिवारिक विभाजन संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया शुगम और पारिवारिक संपत्ति के विवाद कम हो सकेंगे ।
ग्राम पंचायतों को भी फायदे
वही ग्राम पंचायतों को भी इससे लाभ मिलेगा संपत्ति शुल्क के रूप में ग्राम पंचायतों को स्थानीय आय के साधन प्राप्त हो जाएंगे ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम विकास की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी वहीं शासकीय सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा एवं रखरखाव आसान हो जाएंगे संपत्ति संबंधी विवादों में भी कमी आएगी संपत्ति के नामांतरण और बटवारा का प्रत्यक्ष अधिकार हो जाएगा।
आबादी भूमि के सर्वे का कार्य तीन चरणों में किया जाना है प्रारंभिक तैयारी सर्वे की कार्रवाई और सर्वे पश्चात होने वाली कार्रवाईया
शामिल है सिवनी जिले के छपारा तहसील में प्रथमचरण पूर्ण हो चुका हैं
और अब दूसरे चरण में सर्वे की तैयारी की जा रही है सिवनी जिले के छपारा तहसील अंतर्गत केवलारी गांव में ड्रोन आबादी सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है वही सर्वे में सर्वेक्षण विभाग
सर्वे ऑफ इंडिया की टीम के साथ- साथ भू अभिलेख अधीक्षक सनीपाल सिंह परतेती, राजस्व निरीक्षक रामेश्वर बघेल,सोमेंद्र बिशेन, राजस्व निरीक्षक राजीव नेमा, और हल्का पटवारी में बृजेश रजक, योगेश मर्सकोले ,श्रीमती नीलू कुशवाहा के अलावा
सिवनी और धनोरा के पटवारियों को छोड़कर जिलेभर की तहसीलों से दो-दो पटवारियों को उक्त सर्वे कार्य को देखने और समझने पहुंचे।

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