रेवांचल टाईम्स - इन दिनो ग्राम पंचायतों में भ्रस्टाचार चरम सीमा में हैं और वर्षो से जमे सरपंच ने शासन की योजनाओ में खुल के अनिमिता के साथ साथ भ्रस्टचार करते हुए खुलेआम पद का दुरूपयोग कर रहे हैं और लोग अब इन से त्रस्त हो चुके पर करें भी तो क्या क्योकि इनके ऊपर बैठे जिम्मेदारों ने अपनी आँखो में पट्टी जो बांध रखी हैं और पूरी छूठ दे रखी है अब प्रशासन में केवल गाँधी जी के तीन बंदरो की तरह काम कर रहा हैं न किसी की सुनो न किसी और देखो और न ही हो रहे भ्रष्चार में कुछ बोलो बस भ्रष्चार करके हमे हमारा हिस्सा समय में दे दो और जो लगे करो हम सब सम्हाल लगे इसी तर्ज में अब सिवनी ज़िले में जिला प्रशासन और ज़िम्मेदार कार्य कर रहे हैं l
वही जनपद पंचायत की भ्रस्ट मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने खुलेआम जनपद के अंतर्गत आने वाली पंचायतों को खुली छूट दे रखी है जब मुखिया और ज़िम्मेदार के ऊपर खुद भ्रटाचार करने के गंभीर आरोप लगा हुआ हैं और जाँच चल रही हैं l
अब वही स्थिति ग्राम पंचायत की जो की जांच के नाम पर अधिकारियों की लापरवाही और निजी स्वार्थ साधने एवं नाकामी के चलते पंचायतों का भ्रष्टाचार निरंतर बढ़ते जा रहा है ।आज वही भ्रष्ट और भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए सरकार अनेकों प्रयास कर रही है। वही भ्रष्ट और भ्रष्टाचार हावी होते नजर आ रहा है। इसी तर्ज में मामला समाने आया है। जनपद पंचायत केवलारी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खैरा पलारी का है। जो लंबे समय से भ्रष्टाचार को लेकर अखबारों की सुर्खियो में बना हुआ हैं और जिला प्रशासन ko संज्ञान में लाने के लिए लिखित शिकायत भी की गई है यह पंचायत भ्रटाचार करने के लिए विषेश रूप से बनी हुई है । ऐसा नहीं है कि जिला प्रशासन एवं सम्बंधित अधिकारी अमला को इसकी ख़बर ना हो शिकायतें होने के बाद भी मानो प्रशासन दृष्टराष्ट्र की तरह बैठा है। एवं नाकामी का परिचय दे रहा है। जिसके चलते भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है । वही भ्रष्ट सरपंच रणजीत सिंह ठाकुर एवं सचिव शमशेर खान अपने पद का दुरुपयोग कर निरंतर भ्रष्टाचार की सीमा पार कर रहे हैं। निजी स्वार्थ एवं अपने चहेतों को लाभ दिलाने के चक्कर प्रशासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मूल हितग्राहियों को ना देकर अपने चहेतों को दें रहें हैं। लाभ एंव कर रहे हैं लाखों मे भ्रष्टाचार वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार खैरा पलारी के भृष्ट सरपंच रणजीत ठाकुर राजनीतिक दलों से भी विशेष सम्बन्ध रखते हैं। जिसके चलते लगता है। अधिकारियों की मोन सहमति बड़े पैमाने में भष्टाचार को बढ़ा रहे हैं। जिसके चलते भ्रष्ट सरपंच सचिव रोजगार सहायक के होंसले बुलंद हैं। ओर निरंतर भृष्टाचार जारी है।
भ्रष्ट सरपंच के कारनामें.....
एक ही सी सी रोड को दो बार स्वीकृत कर निकाल ली लाखों की राशि...
निजी स्वार्थ के चलते प्रशासन का पैसा लाखों के हिसाब से आ जाता है। सृष्टि सरपंच के खाते में....
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए निकाली गई लाखों की राशि...
पंचायत में धड़ल्ले से चल रहे अवैध कब्जे काटे जा रहे हैं प्लॉट बनाई जा रही है दुकान है।
फर्जी बिल लगाकर भ्रष्ट सरपंच सचिव कर रहे है लाखों में भ्रष्टाचार....चल रहा है फर्जी बिलों का खेल.....
ऐसे विभिन्न मुद्दों को लेकर पंचायत में हो रहे भृष्टाचार को लेकर जिला प्रशासन को शिकायते की जा चुकी है फिर भी जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारी अमला जांच के नाम पर निरन्तर नाकामी का परिचय दे रहा है। एंव निरन्तर लापरवाही कर रहा है। जिसके चलते आज तक पंचायत में हुए भृष्टाचारो का बना हुआ है रहस्य....?
अखिल बन्देवार के साथ रेवांचल टाईम्स की एक रिपोर्ट

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