रेवांचल टाइम्स - नैनपुर के रेलवे विभाग और निर्माण कर रहे ठेकेदार आख़िर किस तरह रेलवे में हो रहे कार्यो को गुणवत्ताहीन कार्य गुणवत्तापूर्ण वता रहा है ऐ अब सब दिखने लगा हैं l वही पार्क में जंगली पौधे नैनपुर स्टेशन के सामने 24 लाख की लागत से पार्क का निर्माण किया गया है
रेल्वे संग्रहालय में बना फ़ुवरा भी लीकेज पानी भरते ही हो जाता है खाली सिर्फ अधिकारियों को दिखवे के लिये है चालू और सफाई के नाम पर कर रहें मरम्मत
कहने को तो नैनपुर में रेल्वे विभाग ने जमकर विकास किया है हर तरफ रौशनी विखेर दी है मगर उस की कहानी कुछ अलग ही है रेल्वे के आलाअधिकारियों ने विकास के नाम पर चाँदी काटी है हर निर्माण कार्य की गुणवत्ताहीन कार्य किया गया है जिसकी पोल समय के साथ खुलती जा रही हैं मगर अधिकारी कहने से नही थक रहें हैं कि विकास हुआ मगर सच बोलने से अधिकारियों को डर लग रहा है कही असिलियत सामने ना आ जाये
रेल्वे संग्रहालय में बना फ़ुरवरा सूखा पड़ा सफाई के नाम पर मरम्मत
जिस दिन रेल महा प्रबंधक आ रहें थे उस दिन तो संग्रहालय की चमक अलग ही थी मगर आज तक कि स्थिति अलग है हर कचरा है फिर फवारे की मरम्मत की जा रही हैं जब रेलमहाप्रबंधक आये तब भी मरमत की गई थी तो अब क्यों एक सवाल खड़ा हो रहा है बहरहाल जो भी हो अधिकारीयो के अपने दाव पेच होते हैं जो समय समय पर चलते रहते हैं और जनता और अधिकारियों के चाटूकारों को विकास का सपना और एक लिफाफा देकर चलता कर देते हैं जिससे साफ पता चलता है कि अधिकारियों के चाटूकारों की छवि कितनी दागदार है
लगातार शिकायत होने के बाद भी कार्यवाही शून्य...
वही लगातार शिकायत और मिडिया के माध्यम से अवगत करने के बाद भी कार्यवाही शून्य नजर आ रही जिससे साफ हो चुका है कि मामला सेट है और अब रेल्बे में भी भ्रटाचार जारी हैं और आप अपना गला फाड़ते रहो क्योंकि जिसको रकम और चाँदी के सिक्कों की चमक जानी थी उन तक पहुँच चुकी हैं वही जिस निर्माण करने वाली कंपनी का नाम इतना उछला की मगर अधिकारियों की मेहरबानी से और सब कुछ चाटूकारों ने सेट कर लिया और सब लीपापोती कर अपने कृत्य को छुपाने में लगे हुए हैं गुणवत्ता विहीन कार्य सब सब ठीक लग रहा हैं..
स्टेशन के सामने बने पार्क में उग आईं खरपतवार और जंगली पौधे...
नैनपुर स्टेशन के सामने 24 लाख की लागत से पार्क का निर्माण किया गया है उस पार्क में ठेकेदार के द्वारा 800 और अधिक मूल्य के पौधे कागजों में लागये गये है मगर मौके पर सिर्फ खरपतवार पौधें की भरमार है वही अधिकारी अपनी पीठ जरूर थपथापा रहें हैं कि विकास किया है मगर उसका सार और सामने दिखाई दे रहा है मगर विकास की गाथा जमकर तारीफ के पुल और नदियों की बाढ़ आ गई थी तरफ कदम कदम पर और पक्षपात पर डूबा हुआ विकास है मगर अधिकारी कर्मचारी को सिर्फ अपने चंद चांदी के सिक्कों की खनक के चलते विभाग को चुना लगा रहे है मगर विकास की गति शून्य से भी जीरो तक दिखाई दे रही है औऱ अधिकारी माला माल हो रहें है वही इस समय नैनपुर नगर हर तरफ रेल्वे के निर्माण कार्य जारी है जिसमें कही निर्माण हो रहा है तो कही टूट रहा है कही मरमत जारी है


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