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Thursday, April 7, 2022

नमक कैसे और कितनी मात्रा में खाएं, जानिए आपके लिए कौन सा साल्ट होगा बेस्ट




रेवांचल टाइम्स:नमक सोडियम और आयोडिन का प्रमुख सोर्स है। जिस तरह से सोडियम या आयोडिन की अधिकता नुकसानदायक होती है उसी तरह इसकी कमी की समस्याएं पैदा करती है। सोडियम की ज़रूरत कोशिकाओं के ठीक से काम करने, शरीर में मौजूद फ़्लूइड्स और इलेक्ट्रोलाइट्स संतुलित करने और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रखने के के काम आता है और आयोडिन थॉयरॉक्सिन हार्मोन के लिए जरूरी है। इसलिए नमक शरीर का एक ज़रूरी हिस्सा है, लेकिन कितना?

हमारे शरीर को जितने सोडियम की ज़रूरत होती है, उसका 90 फ़ीसदी हिस्सा टेबल सॉल्ट या आम नमक से पूरा हो जताा है। डब्ल्यूएचओ रोज़ाना पांच ग्राम से कम नमक खाने की सलाह देता है। यानी एक चम्मच के करीब। लेकिन क्या आप इतना ही नमक खाते हैं पूरे दिन?

नमक ज़्यादा खाने के नुकसान? (Harm of eating more salt) किसी भी उम्र में ज़्यादा नमक खाना आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है। इसके अलावा ये सूजन, एडिमा, दिल की बीमारी, गैस्ट्रिक कैंसर और मस्तिष्क में खून के प्रवाह पर नकारात्मक असर डालता है। कई बार दिमाग की नस फटने जैसी समस्या और ब्लड क्लॉट्स की दिक्कत भी हो सकती है।

किस तरह के नमक में होता है सबसे कम सोडियम ? (Which type of salt has the least sodium?) रिफाइंड नमक: आम तौर पर घरों में यही नमक यूज होता है और इसमें 97 से 99 फ़ीसदी सोडियम क्लोराइड होता है। इसमें कोई अशुद्धता नहीं होती, लेकिन पोषण के लिहाज से ये सही नहीं होता।

समुद्री नमक: समंदर के खारे पानी को वाष्पीकृत कर तैयार होने वाले नमक रिफाइंड नहीं होते, लेकिन इसमें अधिक खनिज-लवण होते हैं। इसके अलावा इसमें काफी आयोडिन भी होता है, जो हमारे शरीर के लिए अच्छा है. समुद्री नमक में आम नमक की तुलना में 10 फ़ीसदी कम सोडियम होता है.

सेंधा नमक: हिमालय से निकाले जाने वाले गुलाबी नमक में भी सोडियम कम होता है और इसमें मैग्नेशियम और पोटैशियम जैसे खनिज-लवण होते हैं।

सेल्टिक सॉल्ट: यानी ग्रे सॉल्ट जिसमें सोडियम की मात्रा कम होती है और दूसरे खनिज-लवण प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये नमक इतना प्राकृतिक होता है कि इसमें कोई भी बाहरी चीज़ नहीं मिलाई जाती है।

कम सोडियम वाला नमक खाएं या नहीं (low sodium salt eat or not) बाज़ार में लो सोडियम सॉल्ट मिलते हैं लेकिन इसे खाना चाहिए या नहीं? इस नमक में सोडियम की मात्रा पचास फीसद कम होती है।साथ ही पोटेशियम सॉल्ट के नाम से उपलब्ध नमक में सोडियम नहीं होता है। ऐसा नमक उन्हें ही खाना चाहिए जिन्हे सोडियम खाना मना हो। क्योंकि इसे खाने से आपकी डाइट में पोटेशियम की मात्रा बढ़ सकती है।

इन चीजों को बिलकुल न खाएं
हमें उन उत्पादों से भी बचना चाहिए जिनमें फ़्लेवर को बढ़ाने के लिए मोनोसोडियम ग्लूटेमेट का इस्तेमाल किया जाता है।
नमकीन स्नेक्स जिनमें नमक की मात्रा बहुत हो।
वो प्रोसेस्ड फूड जिन्हें प्रिजर्व करने के लिए नमक का इस्तेमाल होता है।
पैकेट बंद खाने की चीजों को ध्यान से देखें जिसमें नमक या मोनोसोडियम ग्लूटामेट हो।



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