गाँव गाँव एक लम्बे अरसे चल रहा सट्टा पट्टी का अवैध कारोबार जोरों से
रेवांचल टाइम्स - आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला इन दिनों अबैध कारोबारियों की गिरफ्त में चला गया है और नगर से लेकर गांव गांव तक अबैध जुआ सट्टा शराब रेत सूखा नशा ऐसा कोई भी अबैध कार्य नहीं है जो इन दिनों इस जिले खुलेआम न चल रहा या कहे की वर्तमान सरकार के जिम्मेदारों का खुला संरक्षण दे रहे है आज युवा पीढ़ी की और जा रहा है और अपराध में बढ़ोत्तरी हो रही है पर किसको क्या सब को अपनी जेब भरने की पड़ी है प्रदेश का मुखिया के द्वारा रोज़ रोज़ भ्रस्ट और अबैध कारोबारियो पर कार्यवाही करने के लिए खुले मंच से कहा जा रहा है पर इस ज़िले में शायद प्रदेश के मुखिया का आदेश शायद लागु नहीं होता है इस लिए जगह जगह खुलेआम हर तरह के अबैध कारोबार चल रहे है l
वही स्वैच्छिक समाज सेवी संस्था "जागृति युवा संस्थान" के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने गत दिनों मध्यप्रदेश सरकार के मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मध्यप्रदेश शासन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित जिला मुख्यालय मैं प्रति मंगलवार लगने वाली जन सुनवाई काय॔ क्रम, जिला पुलिस अधीक्षक मण्ड़ला यशपाल सिंह राजपूत को प्रेषित विशेष सिकायती पत्र मैं बताया है कि नैनपुर विकास खण्ड क्षैत्र मैं सट्टा पट्टी का अवैध कारोबार जोरो से चारों तरफ बैखोफ बेरोकटोक धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है । सट्टा पट्टी के अवैध कारोबार मैं संलिप्त खाई बाजो को ना ही जिला प्रशासन का ड़र है ना ही पुलिस विभाग का ड़र , दिन रात लाखों रूपये की सट्टा पट्टी इनके द्रारा खुलेआम लिखी जा रही है वहीं इनके सपोटर्स गुर्गो के द्वारा भी गली गली मैं अपने ठीहे बनाकर पुलिस प्रशासन को खुले आम चुनैती देने से बाज नही आ रहे हैं । ऐसा नहीं कि इन सट्टा खाई बाजो की संपूर्ण जानकारी संबंधित थाना प्रभारियो एवं पुलिस को ना हो । यहाँ पर सब कुछ मालूम होने के बावजूद पुलिस प्रशासन के द्वारा इन सट्टा खाई बाजो के खिलाफ आखिर सख्त निष्पक्ष उच्चस्तरीय कानूनी काय॔ वाही क्यों नहीं की जाती है ? यह एक प्रश्नचिह्न बना हुआ है । विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक यहाँ पर चम चमाते रूपये और सेटिग के बल पर सब कुछ संभव है , आखिर नोटो ने अपना दम दिखाते हुए सबको अपने गिरेवान मै झाकने के लिये मजबूर कर दिया है । शहर हो या गाँव सभी चारों तरफ बैखोफ बेरोकटोक एक लम्बे अरसे से सट्टा पट्टी का अवैध कारोबार धड़ल्ले से संचालित है वहीं एक तरफ गरीब तबका शोषण का लगातार शिकार हो रहा है । जल्द से जल्द लखपति बनने की फिराक अपने मन संजोकर व्यक्ति साहू कारो से कर्ज पे कर्ज लेकर एवं अपने घरों मैं रखे कीमती जेवरो आभूषणों को बेच बेच कर सट्टा लगा कर एक बड़ी आस मैं ड़ूबे मेरा सट्टा अब फसने वाला है जैसे दिव्य सपने रात दिन देख कर अच्छी खासी जिन्दगी को तबाह कर अपने सर्वांगीण विकास के साथ जी रहे पूरे परिवार को तबाह करते दिखाई दे रहा है ।
सट्टा तो सट्टा है 99 अंक सटोरिये खाई बाज के और केवल एक अंक नसीब वालों के होते हैं । वहीं एक तरफ सट्टा पट्टी के अवैध कारोबार मैं संलिप्त सेठ साहू कारो, खाई बाजो के आर्थिक ग्राफ दिन प्रति दिन लगातार बढ़ते जा रहे हैं और इनके ऐसो आराम, ठाट बाज करोड़ पतियो से कम नहीं है। अगर पुलिस प्रशासन चाह ले कि यहाँ पर एक लम्बे अरसे से संचालित सट्टा पट्टी के अवैध कारोबार नहीं चलेगा तो वाकिफ मैं किसी की मजाल समूचे क्षैत्र मैं ऐसे अवैध गतिविधियों मैं सट्टा पट्टी संचालित हो सके । सट्टा पट्टी के इस कारोबार मैं संलिप्त कुछेक लोगों ने मीडिया को बताया है कि बगैर साॅठ- गाँठ के इतना बड़ा गेम खुलेआम कभी भी संचालित नहीं हो सकता ।लगातार सिकवा सिकायते एवं अखबारों मैं समाचार प्रकाशित होने के बावजूद पुलिस प्रशासन एवं संबंधित पुलिस थाना क्षेत्र मैं ऐसे अवैध सट्टा पट्टी के कारोबार मैं नकेल कसने का कहीं पर भी प्रयास न होना बड़ा आश्चर्य माना जा रहा है । जागृति युवा संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने अपने प्रेषित ज्ञापन पत्र मैं उल्लेख किये है कि नैनपुर, बम्हनी, लिमरूआ, ग्वारा , चिरईड़ोगरी, पिण्ड़रई, ड़िढौरी, पाटासिहोरा, निवारी, ईन्दी, जामगाॅव, चीचगाव, रमपुरी एवं ऐसे और भी अन गिनत गाँव है जहाँ पर दिन रात सट्टा पट्टी का अवैध कारोबार एक लम्बे अरसे से संचालित है। अगर समय शीमा के अन्दर ऐसे अवैध सट्टा पट्टी के कारोबार पर विराम नहीं लगाया गया तो शीघ्र ही समाज सेवी युवाओं एवं जागृति युवा संस्थान के पदाधिकारियों के द्वारा विशाल जनादोलन एवं चक्काजाम काय॔ क्रम आयोजित कर इसके खिलाफ आवाज बुलंद की जायेगी ।
बहरहाल गत दिनों मध्यप्रदेश सरकार एवं वरिष्ठ पुलिस प्रशासन मध्यप्रदेश को लिखित मैं पूरे साक्ष्यो के साथ मय वीडियो ग्राफी खाई बाजो के नाम , पूर्ण पते और कहाँ कहाँ पर किस किस स्थानों मैं सट्टा पट्टी काटी जा रही है जैसे तमाम जानकारी प्रेषित ज्ञापन मैं उल्लेख कर भेजा गया है । प्रेषित ज्ञापन पत्र मैं समय शीमा के अन्दर किसी भी प्रकार की निष्पक्ष उच्चस्तरीय कानूनी काय॔ वाही नही होने पर जिला मुख्यालय मण्ड़ला मैं जन अन्दोलन की शुरुआत की जायेगी ।

No comments:
Post a Comment