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Monday, April 11, 2022

सामाजिक समरसता के साथ सामाजिक न्याय मध्यप्रदेश.... सरकार का सकंल्प- शिवराज सिंह चौहान...





रेवांचल टाइम्स - महात्मा ज्योतिबा फुले ने सामाजिक विषमताओं को दूर करने का बीड़ा उठाया-श्री प्रहलाद पटैल

महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर अब हर साल होगा ऐच्छिक अवकाश

मध्यप्रदेश के शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल होगी महात्मा ज्योतिबा फुले औ र सावित्री बाई फुले की जीवनी


दमोह में महात्मा ज्योतिबा फुले की 195 वी जयंती पर मुख्यमंत्री ने की अनेक घोषणाएं 11 अप्रैल 2022

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दमोह में पिछड़ा वर्ग कल्याण के जननायक महात्मा ज्योतिबा फुले की 195 वी जयंती पर पॉलीटेक्निक ग्राउंड पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सामाजिक समरसता के साथ सामाजिक न्याय मध्यप्रदेश सरकार का सकंल्प हैं। महात्मा ज्योतिबा फुले से प्रेरणा लेकर मध्यप्रदेश सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग एवं जलशक्ति राज्यमंत्री श्री प्रहलाद पटेल, राजस्व एवं परिवहन तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री रामखेलावन पटेल, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री भारत सिंह कुशवाह, म.प्र. भंडार गृह निगम के अध्यक्ष श्री राहुल सिंह लोधी, विधायक सर्व श्री जालम सिंह पटेल, पी.एल. तंतुवाय, धर्मेन्द्र सिंह लोधी, शिशुपाल यादव, श्रीमती रामबाई सिंह परिहार, जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटैल,भापजा जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि अब हर साल महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर शासकीय कर्मचारियों के लिए ऐच्छिक अवकाश रहेगा। पिछड़ा वर्ग सहित गरीबों, दलितों के उत्थान तथा बालिकाओं की शिक्षा के लिए जो महत्वपूर्ण कार्य महात्मा ज्योतिबा फुले और उनकी धर्मपत्नि श्रीमती सावित्री बाई फुले ने किये तथा उनके विचारों को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार उनकी जीवनी को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करेगी। दमोह जिले के लिए स्वीकृत एक सी.एम. राईज स्कूल का नाम महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम पर होगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रत्येक वर्ष महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती को अलग-अलग स्थान पर धूमधाम से मनाया जायेगा। श्री प्रहलाद पटेल की मांग पर जिले की बटियागढ़ ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का स्वरूप दिये जाने की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जिस प्रकार केन्द्रीय पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया हैं, उसी तर्ज पर मध्यप्रदेश सरकार ने भी पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले का पूरा जीवन महिलाओं, गरीबों और किसानों के लिए सघंर्ष में बीता। उन्होंने महिला शिक्षा के क्षेत्र में नई क्रांति पैदा की और विधवा विवाह की मुहिम चलाई। यही कारण रहा कि मुम्बई में 1888 में हुई किसान सभा में उन्हें महात्मा की उपाधि दी गई। देश में दो ही महात्मा हुए, एक राष्ट्रपिता महात्मा गॉंधी और दूसरे महात्मा ज्योतिबा फुले। धन्य हैं भारत वर्ष जहां ऐसे महापुरूष पैदा हुए। महात्मा फुले ने अपने कर्मठ जीवन में जो इतिहास बनाया तथा पिछड़े एवं दलित वर्ग और महिलाओं के हित में जो कार्य किये, उसी का परिणाम है कि मध्यप्रदेश सरकार ने भी  उन वर्गों के कल्याण और हित में अनेक योजनाए चलाई। 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी वर्गों के मेधावी बेटे-बेटियों की उच्च शिक्षा का खर्च भी सरकार वहन करेगी। सभी वर्ग के लाखों विद्यार्थियों को विगत माह सिंगल क्ल्कि द्वारा स्कॉलारशिप उनके खातें में सीधे पहुँचाई गई हैं। उन्होंने बडी संख्या में उपस्थित पिछड़ा वर्ग के लोगों को संकल्प दिलाया कि महात्मा ज्योतिबा फुले के बताए मार्ग पर चलकर अपनी बेटियों को वे जरूर पढ़ायें। श्री चौहान ने कहा कि बेटियों को सम्मान मिलना चाहिए, उनका असम्मान करने वाले दुराचारियों को छोड़ा नही जायेगा, उन्हें कठोर सजा दिलवायी जायेगी। श्री चौहान ने राज्यमंत्री श्री रामखेलावन पटेल की प्रशंसा की कि वे म.प्र. पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के पुनर्गठन का प्रयास कर रहे हैं। श्री चौहान ने इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए उत्कृष्ट कार्य करने पर तीन वर्षों के म.प्र. महात्मा ज्योतिबा फुले पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार भी प्रदान किये। वर्ष 2017-18 के लिए डबरा के डाँ. हुकुम सिंह कुशवाह, वर्ष 2018-19 के लिए उमरिया के बी. आर. सातपुते तथा 2019-20 के लिए रीवा के श्री आर. एन. पाटिल को 2-2 लाख रूपये के चेक एवं प्रशस्ति-पत्र भेंट किये गये।

इस अवसर पर केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण, उद्योग एवं जलशक्ति राज्यमंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने सामाजिक विषमताओं को दूर करने का बीड़ा उठाया था। श्री पटेल ने कहा कि हम हमेशा कहते हैं कि हम पिछड़े हैं, भाषा में जो पिछड़ेपन का भाव हैं, कितनी शताब्दियों के बाद खत्म होगा, यह पहला प्रश्न हमारे मन में होना चाहिए। उन्होंने कहा हम 200 वर्ष पीछे जाये तो परिस्थितियां और भी विपरीत रही होगी। 200 वर्ष पहले संसाधन नहीं थे, लोगो को एकत्रित करने में कितनी ताकत लगती होगी। श्री पटेल ने कहा कि ज्योतिबा फुले ने अपनी पत्नि के साथ जन-जागरण किया और वो जागरण महिला शिक्षा, बाल विवाह के विरोध और विधवा विवाह के समर्थन का जागरण था। इसीलिए समाज ने उन्हें महात्मा की उपाधि दी। 

केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटेल ने महात्मा ज्योतिबा एवं उनकी पत्नि के चरणों में नमन करते कहा कि उन्होंने 200 वर्ष पूर्व जो अभियान चलाया, वह महिला सशक्तिकरण का अभियान लगातार जारी हैं। आज महत्वपूर्ण दिन इसलिए हैं कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जल-अभिषेक अभियान की शुरूवात की हैं। हम प्रकृति की रक्षा करें तो आने वाली पीढ़ी का जीवन सुखद होगा।

खाद्य प्रसंस्करण, (स्वतंत्र प्रभार) एवं नर्मदा घाटी विकास राज्यमंत्री श्री भारत सिंह कुशवाहा नें कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले को महात्मा की उपाधि ऐसे ही प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने पिछड़ा, दलित एवं शोषित वर्ग के लिए जिस तरह से पूरे जीवन संघर्ष किया, उसी संघर्ष की वजह से ही उन्हें महात्मा की उपाधि दी गई। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री ने जो कहा वह करके भी दिखाया है। उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए सीएम राइज स्कूल प्रारंभ किए गये हैं। दमोह में एक स्कूल महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम से नामांकित करने का आग्रह भी उन्होंने किया।

पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राम खेलावन पटेल नें कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वर्गो तथा महिलाओं को शिक्षा का लाभ दिलाने की दिशा में उल्लेखनीय काम किये हैं, इसलिए उन्हें महात्मा की उपाधि मिली है। 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पिछड़ा वर्ग के 7 लाख छात्रों को पोस्टमेट्रिक छात्रवृत्ति 2021-22 में 878.97 करोड़ रूपये की स्वीकृत की गई हैं। अभी 25 मार्च को मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम सें लगभग 3 लाख छात्रों के खातों में छात्रवृत्ति भेजने का काम किया है।  

260 करोड़ से अधिक के कार्यो का भूमि-पूजन और लोर्कापण

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान नें दमोह जिले के लिए 260 करोड़ से अधिक के विकास और निर्माण कार्यो का भूमिपूजन और लोर्कापण किया। 

सीटी स्कैन मशीन लोकार्पित

इस अवसर पर अन्य निर्माण और विकास कार्यों के साथ ही जिले की बहुप्रतिक्षित सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण मुख्यमंत्री जी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में भा.ज.पा. जिला अध्यक्ष प्रीतम सिंह लोधी, पूर्व मंत्री डॉ रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व मंत्री दशरथ सिंह, पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह, पूर्व विधायक उमादेवी खटीक, पूर्व विधायक सोना बाई, सांसद प्रतिनिधि नरेन्द्र बजाज एवं डाँ आलोक गोस्वामी, महामंत्री सतीश तिवारी, महामंत्री गोपाल पटैल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष मालती असाटी, जिला उपाध्यक्ष रुपेश सेन, संजय सेन, अमित बजाज, मीडिया प्रभारी राघवेंद्र परिहार, महेंद्र जैन, मंडल अध्यक्ष पवन तिवारी, कृष्णा राज, जिला मंत्री अरविंद उपाध्याय, मोर्चा अध्यक्ष प्रमोद विश्वकर्मा, प्रदेश महामंत्री संजय राय, ब्रज गर्ग, महिला मोर्चा अध्यक्ष शिखा जैन, पूर्व जिला अध्यक्ष नरेंद्र व्यास, सतीश नायक, हरिशंकर चौधरी, सजंय यादव, वर्षा रैकवार, अर्चना जैन, अनुराग वर्धन हजारी, अनीता खरे सहित जनप्रतिनिधि, संभागायुक्त मुकेश शुक्ला, आई जी अनुराग, कलेक्टर  एस कृष्ण चैतन्य, पुलिस अधीक्षक डीआर तेनीवार, सीईओ जिला पंचायत अजय श्रीवास्तव सहित प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में जनसमूह मौजूद रहा। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन भा.ज.पा. जिला अध्यक्ष प्रीतम लोधी नें व्यक्त किया।

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