जबकि ट्रेन में लगे पंखे की करें तो यह सभी बिजली उपकरणों से अलग होते हैं, इन्हें विशेष तौर पर डीसी में 110 वोल्ट पर चलने के लिए तैयार किया जाता है. यह पंखे घर में नहीं चल सकते इसलिए इन्हें चोरी करना भी बेकार है. ट्रेन में इन पंखों को 3-3 के लाइन में लगाते हैं. हर कोच में 3 पंखे सामने की तरफ दो पंखे दूसरी तरफ होते हैं. ऐसे में अगर एक भी पंखे का तार कट जाए या छेड़छाड़ की जाए तो बाकी पंखे भी चलना बंद हो सकते हैं. एक तरह अलर्ट सिस्टम से रेलवे को पंखों पर जुड़ी जानकारी मिल सकती है. हालांकि, पिछले कुछ साल में रेलवे में चोरी को लेकर सख्ती देखी गई है. रेलवे को राष्ट्रीय संपत्ति माना जाता है, इसे नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ धारा 380 के तहत कार्यवाही का प्रावधान भी है. जिसमें 7 साल तक की सजा का प्रावधान एवं जुर्माना शामिल है.
जबकि ट्रेन में लगे पंखे की करें तो यह सभी बिजली उपकरणों से अलग होते हैं, इन्हें विशेष तौर पर डीसी में 110 वोल्ट पर चलने के लिए तैयार किया जाता है. यह पंखे घर में नहीं चल सकते इसलिए इन्हें चोरी करना भी बेकार है. ट्रेन में इन पंखों को 3-3 के लाइन में लगाते हैं. हर कोच में 3 पंखे सामने की तरफ दो पंखे दूसरी तरफ होते हैं. ऐसे में अगर एक भी पंखे का तार कट जाए या छेड़छाड़ की जाए तो बाकी पंखे भी चलना बंद हो सकते हैं. एक तरह अलर्ट सिस्टम से रेलवे को पंखों पर जुड़ी जानकारी मिल सकती है. हालांकि, पिछले कुछ साल में रेलवे में चोरी को लेकर सख्ती देखी गई है. रेलवे को राष्ट्रीय संपत्ति माना जाता है, इसे नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ धारा 380 के तहत कार्यवाही का प्रावधान भी है. जिसमें 7 साल तक की सजा का प्रावधान एवं जुर्माना शामिल है.

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