शिशु रोग विशेषज्ञों ने दोनों बच्चों की जांच कर उन्हें उपचार देने का प्रयास किया, लेकिन दोनों बच्चों को बचाया नहीं जा सका. दोनों ही शिशु काल कल्वित हो गए. वहीं, डॉक्टरों ने तुरंत एहतियात बरतते हुए नर्सरी में भर्ती अन्य शिशुओं की भी जांच की, जहां सभी का स्वास्थ्य सामान्य मिला. वहीं, एहतियात बरतते हुए एमसीएच विंग में सर्किल का पुलिस बल तैनात कर दिया गया. फिलहाल दोनों मासूमों के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है. Also Read - सुसाइड करने ही वाली थी पूनम पांडे, सनसनीखेज राज का हुआ खुलासा बक्ता का बाड़िया सुरड़िया निवासी पूजा पत्नी ओमप्रकाश ने 7 अप्रैल को बेटी को जन्म दिया था, तभी से वह नर्सरी में भर्ती थी. इसी प्रकार रामपुरा खरवा निवासी माया पत्नी सुरेंद्र सिंह ने 14 अप्रैल को एक बेटे को जन्म दिया था. उसकी यह पहली डिलीवरी थी. दोनों बच्चे एक ही वार्मर पर भर्ती थे. बताया जा रहा है कि दोनों ही माताएं कुछ समय पहले ही अपने बच्चों को दूध पिलाकर गई थीं. उसके बाद ही यह दर्दनाक हादसा हो गया और नवजात काल का ग्रास बन गए. हादसे की जानकारी के बाद अन्य परिजन भी गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती अपने बच्चों को देखने के लिए व्याकुल हो उठे. हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया. वहीं, शिशु नर्सरी में भी चिकित्सक और आवश्यक स्टाफ पहुंच गया. जैसे ही नर्सरी में हादसे की जानकारी मिली वार्ड में भर्ती अन्य शिशुओं के परिजन भी व्याकुल हो उठे. सभी की माताएं और उनके परिजन अपने बच्चों को देखने के लिए नर्सरी के बाहर एकत्रित हो गए.
शिशु रोग विशेषज्ञों ने दोनों बच्चों की जांच कर उन्हें उपचार देने का प्रयास किया, लेकिन दोनों बच्चों को बचाया नहीं जा सका. दोनों ही शिशु काल कल्वित हो गए. वहीं, डॉक्टरों ने तुरंत एहतियात बरतते हुए नर्सरी में भर्ती अन्य शिशुओं की भी जांच की, जहां सभी का स्वास्थ्य सामान्य मिला. वहीं, एहतियात बरतते हुए एमसीएच विंग में सर्किल का पुलिस बल तैनात कर दिया गया. फिलहाल दोनों मासूमों के शवों को मोर्चरी में रखवाया गया है. Also Read - सुसाइड करने ही वाली थी पूनम पांडे, सनसनीखेज राज का हुआ खुलासा बक्ता का बाड़िया सुरड़िया निवासी पूजा पत्नी ओमप्रकाश ने 7 अप्रैल को बेटी को जन्म दिया था, तभी से वह नर्सरी में भर्ती थी. इसी प्रकार रामपुरा खरवा निवासी माया पत्नी सुरेंद्र सिंह ने 14 अप्रैल को एक बेटे को जन्म दिया था. उसकी यह पहली डिलीवरी थी. दोनों बच्चे एक ही वार्मर पर भर्ती थे. बताया जा रहा है कि दोनों ही माताएं कुछ समय पहले ही अपने बच्चों को दूध पिलाकर गई थीं. उसके बाद ही यह दर्दनाक हादसा हो गया और नवजात काल का ग्रास बन गए. हादसे की जानकारी के बाद अन्य परिजन भी गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती अपने बच्चों को देखने के लिए व्याकुल हो उठे. हादसे के तुरंत बाद प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए अस्पताल परिसर में पुलिस बल तैनात कर दिया. वहीं, शिशु नर्सरी में भी चिकित्सक और आवश्यक स्टाफ पहुंच गया. जैसे ही नर्सरी में हादसे की जानकारी मिली वार्ड में भर्ती अन्य शिशुओं के परिजन भी व्याकुल हो उठे. सभी की माताएं और उनके परिजन अपने बच्चों को देखने के लिए नर्सरी के बाहर एकत्रित हो गए.

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