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Friday, March 18, 2022

अतिथि शिक्षकों ने मध्यप्रदेश सरकार से मांगा छत्तीसगढ़ सरकार की तरह नियमितीकरण आदेश



रेवांचल टाइम्स  -मंडला छत्तीसगढ़ राज्य के अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण के लिए कांग्रेस नीत छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा हाल ही में जारी आदेश का हवाला देते हुए ज्ञापन सौपा गया है अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्य प्रदेश के संस्थापक एवं जिला अतिथि शिक्षक परिवार मंडला के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में 17 मार्च को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे एक अतिथि शिक्षक प्रतिनिधि मंडल ने मध्य प्रदेश के मुखिया  मुख्यमंत्री के नाम लिखे ज्ञापन कलेक्टर के हाथों सौंपा है। ज्ञापन में बताया है कि छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के द्वारा अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण को लेकर  एक दिन पहले 16 मार्च को आदेश जारी कर वहां के अतिथि शिक्षकों को एक बड़ी राहत दी गई है।जिसका हवाला देते हुए मांग की गई है ,कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने राज्य के अतिथि शिक्षकों को नियमित करने का आदेश जारी कर बड़ा ही लोकतांत्रिक काम किया है।जबकि मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी जैसी बहुत बड़ी पार्टी की सरकार है।जिसका कब्जा भारत देश के अधिकतर राज्यों में है। मध्यप्रदेश भी उनमें से एक है। बड़ा ही खेद का विषय है,कि अतिथि शिक्षकों जैसे वर्षों से शोषित होते आ रहे वर्ग की आवाज सुनने को तैयार नहीं है।



छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद कि अब अतिथि शिक्षक नहीं निकाले जाएंगे काम से

अतिथि शिक्षकों ने  छत्तीसगढ़ सरकार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया है,कि इस दूर दृष्टा सरकार ने आदेश में यह स्पष्ट कर दिया है,कि वर्तमान में जहां अतिथि शिक्षक पदस्थ हैं वहां पर किसी नियमित शिक्षक की सीधी भर्ती, पदोन्नति एवं स्थानांतरण से पदस्थापना आगामी आदेश तक नहीं किए जाएं।इस जनहितकारी आदेश से वर्षोंं से शोषित होते आ रहे अतिथि शिक्षकों के रोजगार की अनिश्चितता खत्म हो गई है।अब पहले की तरह  चाहे जब बाहर नहीं निकाले जा सकेंगे।

       प्रदेश के अतिथि शिक्षकों के लिए भी मध्यप्रदेश की भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार से ऐसी ही मांग की गई है।कि वर्तमान में सरकार का महत्वपूर्ण बजट सत्र के दौरान पास हो चुके  मुख्य बजट में तो अतिथि शिक्षकों के हित में कोई जिक्र भी नहीं की गई है। जिसके प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है।जबकि विधानसभा सत्र के पूर्व प्रदेश के सैकड़ों विधायकों, जनप्रतिनिधियों के द्वारा अपने लैपरपैड में अतिथि शिक्षकों के हित में सरकार को पत्र भी लिखे जा चुके हैं।साथ ही दर्जनों विधायक और मंत्रियों से अतिथि शिक्षक संगठन के द्वारा भेंट कर पक्ष रखने का निवेदन भी किया जाता रहा है।

पूरक बजट में अतिथि शिक्षकों का किया जाये नियमितीकरण

अब पूरक बजट और पेश होना बाकी है। जिसमें पूरी उम्मीद है,कि सरकार निर्णय अवश्य करेगी। 

अतिथि शिक्षकों के पद को रिक्त नहीं माने जाने निर्णय करने की है मांग

अतिथि शिक्षकों ने कहा है,कि सरकार ऐसा निर्णय लाए कि वर्षों से कार्यानुभवी अतिथि शिक्षक के वर्तमान पद को रिक्त नहीं माना जाए। सरकार के नियमों के शिकार होकर काम से बाहर होते आ रहे अतिथि शिक्षकों को आवश्यकतानुसार काम पर बुलाया जाये। अतिथि शिक्षकों के  स्थान पर सीधी भर्ती, पदोन्नति, स्थानांतरण से पदस्थापना पर आने वाले शिक्षकों को आने पर रोक लगाई जाए। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस नीत सरकार के इस तरह के निर्णय को साधुवाद देते हुए मध्यप्रदेश सरकार से भी मांग की गई है,कि अतिथि शिक्षकों को पद पर बनाए रखते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। जिससे चाहे जब काम से बाहर कर दिए जाने का डर खत्म हो सके और अनिश्चित रोजगार की टेंशन में आकर अकाल मृत्यु के शिकार होते आ रहे अतिथि शिक्षकों की संख्या आगे न बढ़े।

     तत्काल निर्णय नहीं तो अतिथि शिक्षक अपना मोर्चा खोलकर लेंगे हक

      अतिथि शिक्षकों ने बताया है,कि अब सरकार का इंतजार बहुत ज्यादा करने की स्थिति में नहीं हैं। होली रंगपंचमी तक सरकार ने अतिथि शिक्षकों के पक्ष में उचित निर्णय नहीं लिया तो अपना मोर्चा खोलकर पीड़ित अतिथि शिक्षकों के द्वारा अपना  हक छीनने का काम किया जाएगा। बहुत जल्द सरकार का घेराव करने प्रदेश भर के अतिथि शिक्षक भोपाल की ओर कूच करेंगे।

            ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में रेणु तिवारी,उपासना सिंह, दुर्गा श्रीवास,हेमंत जंघेला,उदय झारिया,प्रहलाद झारिया, अनुभव झारिया, दुर्गेश कछवाहा,सहित अन्य अतिथि शिक्षक सामिल रहे।

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