BREAKING
जवाहर नवोदय विद्यालय से दो छात्र लापता | एमपी में बड़ा प्रशासनिक फैसला | जबलपुर में सनसनीखेज वारदात
भारत के लिए खड़ी हो जाएगी बड़ी मुश्किल, वजह है रूस का ये कदम! - revanchal times new

revanchal times new

निष्पक्ष एवं सत्य का प्रवर्तक

Breaking

aaj ka akhbar padhen

आज का ई-पेपर

पूरा अखबार पढ़ने के लिए नीचे दिए गए बटन पर क्लिक करें।

ई-पेपर Viewer

Saturday, March 19, 2022

भारत के लिए खड़ी हो जाएगी बड़ी मुश्किल, वजह है रूस का ये कदम!



 रेवांचल टाइम्स :पश्चिमी मीडिया की रिपोर्ट्स में जो बाइडेन प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि रूस ने चीन से यूक्रेन पर अपने आक्रमण को आगे बढ़ाने के लिए सैन्य उपकरणों की मांग की है. अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि लगभग 20 दिनों से चल रहे युद्ध के कारण रूस में सेना के इस्तेमाल के लिए सैन्य उपकरणों की कमी के संकेत मिले हैं. इस कारण रूस यूक्रेन में अपने अभियान को जारी रखने के लिए चीन से मदद की मांग कर रहा है. ऐसी खबरों ने भारत की चिंता बढ़ा दी है.फाइनेंशियल टाइम्स और द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि रूसी सेना के पास सैन्य आपूर्ति, कलपुर्जे और तेल की कमी हो रही है. भारत के लिए ये खबर चिंता का विषय है क्योंकि भारत अभी भी सैन्य पुर्जों के लिए रूस पर निर्भर है. रूस भारत की तीनों सेनाओं के इस्तेमाल में आने वाली सभी बड़े रक्षा उपकरणों की आपूर्ति करता है. भारतीय सेनाओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रूसी T-90 टैंक, Su-30MKI लड़ाकू विमान और INS विक्रमादित्य विमानवाहक पोत, ये सभी रूस की तरफ से भारत को मिलते हैं. रूस पर बड़े पैमाने पर पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद भारत को मिलने वाले हथियारों के पुर्जों की आपूर्ति में कटौती हुई है और इस बीच इस तरह की खबरें सरकार की चिंताएं बढ़ा सकती हैं.

रूस इतने दिनों के युद्ध के बाद भी यूक्रेन के प्रमुख शहरों पर कब्जा नहीं कर पाया है. युद्ध में रूस को वैसी सफलता नहीं मिल रही जैसा कि उसने सोचा था. इधर, यूक्रेन को पश्चिमी देश उच्च तकनीक वाले हथियार मुहैया करा रहे हैं जिससे यूक्रेन के सैनिकों का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है. रूस की सेनाओं और उनके हथियारों, टैंकों को इस युद्ध में काफी नुकसान हुआ है जिस कारण वो अब मदद के लिए चीन का रुख कर रहा है. ऐसे में भारत के लिए भी बड़ी मुश्किल खड़ी होने वाली है. भारत की नरेंद्र मोदी सरकार आत्मनिर्भर भारत के तहत लगातार इस दिशा में काम कर रही है कि रक्षा क्षेत्र में भी भारत आत्मनिर्भर बने लेकिन अभी सरकार के इस पहल को मूर्त रूप देने में सालों का वक्त लग सकता है.


No comments:

Post a Comment